बांग्लादेश: की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। देश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रमुख खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 17 साल बाद अपने वतन लौट आए हैं। बुधवार सुबह जैसे ही तारिक रहमान ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, वहां पहले से मौजूद करीब 1 लाख BNP कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
एयरपोर्ट से लेकर 300 फीट रोड तक सड़कों पर समर्थकों का सैलाब उमड़ पड़ा। पार्टी झंडों, नारों और पोस्टरों के साथ हजारों कार्यकर्ता तारिक रहमान की एक झलक पाने को बेताब नजर आए। कई समर्थक ट्रेनों और बसों से ढाका पहुंचे थे।
लंदन में 17 साल का निर्वासन
तारिक रहमान वर्ष 2008 में गिरफ्तारी से बचने के लिए लंदन चले गए थे। उस समय शेख हसीना की सरकार में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग से जुड़े कई मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद वे लंबे समय तक विदेश में निर्वासित जीवन जीते रहे और वहीं से BNP की राजनीतिक गतिविधियों को दिशा देते रहे।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
तारिक रहमान की वापसी को देखते हुए ढाका में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय उन्हें बुलेटप्रूफ बस में ले जाया गया। हजारों पुलिसकर्मियों और सेना के जवानों को उनकी सुरक्षा में तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
आम चुनाव से पहले बड़ा सियासी संकेत
बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। हाल ही में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगने के बाद राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। ऐसे में BNP को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
BNP अध्यक्ष खालिदा जिया की उम्र 80 साल से अधिक हो चुकी है और वे लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं। इस कारण पार्टी के भीतर और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि तारिक रहमान आगामी प्रधानमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदार हो सकते हैं।
BNP कार्यकर्ताओं में जोश
तारिक रहमान की वापसी को BNP कार्यकर्ता “नई राजनीतिक शुरुआत” के रूप में देख रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि उनकी मौजूदगी से पार्टी को चुनाव में जबरदस्त मजबूती मिलेगी और सरकार विरोधी वोटों का एकीकरण होगा।
17 साल बाद तारिक रहमान की बांग्लादेश वापसी न केवल BNP के लिए बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए एक निर्णायक मोड़ मानी जा रही है। आम चुनाव से ठीक पहले उनकी वापसी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। अवामी लीग के बैन होने के बाद BNP और तारिक रहमान की भूमिका भविष्य की सत्ता संरचना तय करने में अहम साबित हो सकती है।


