उज्जैन। उज्जैन के तराना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर को फिर साम्प्रदायिक तनाव फैल गया। नमाज के बाद बस स्टैंड क्षेत्र में दो समुदाय आमने-सामने आए, जिसके दौरान मारपीट और पथराव हुआ। इस उग्र माहौल में किसी ने खड़ी बस में आग लगा दी।
घटना का क्रम
तराना में शुक्रवार को तकिया मोहल्ला के बस स्टैंड इलाके में लगभग 50 से 60 लोग आपस में भिड़ गए। इस दौरान मारपीट और पथराव हुआ और बस आग के हवाले कर दी गई। पुलिस ने मौके पर भारी बल तैनात किया और उपद्रवियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 163 के तहत मामला दर्ज किया।
घटना की शुरुआत तब हुई जब सोहिल ठाकुर (26) जो कि बजरंग दल का नगर मंत्री हैं, अपने घर के पास राम मंदिर संघ कार्यालय के पास बैठे थे। ईशान मिर्जा और आठ से दस अन्य लोग लोहे की रॉड, लाठी और चाकू लेकर उनके पास पहुंचे और उन्हें धमकाने लगे।
सोहिल के चचेरा भाई ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन दोनों के साथ भी मारपीट हुई। सोहिल को तराना सरकारी अस्पताल ले जाया गया, और बाद में गंभीर स्थिति में उज्जैन रैफर कर दिया गया।
सोहिल की हालत
सोहिल ठाकुर के सिर पर गंभीर चोट आई है। उन्हें उज्जैन जिला अस्पताल के चरक भवन में भर्ती किया गया है और सतर्कता के तौर पर उन्हें आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर है।
आरोपियों और पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने सप्पन मिर्जा, ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, सलमान मिर्जा, रिजवान मिर्जा और नावेद के खिलाफ जानलेवा हमला और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। इनमें से पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
हिंदूवादी संगठन चाहते हैं कि फरार आरोपी को जल्द पकड़ा जाए और पकड़े गए आरोपियों के मकान तोड़े जाएं। कार्यकर्ता थाने के सामने धरने पर बैठे और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
एसपी प्रदीप शर्मा घटना स्थल पर पहुंचे और शांति बनाए रखने की अपील की। तराना में गुरुवार रात से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में लगभग 100 पुलिसकर्मी तैनात किए।
पृष्ठभूमि
सोहिल ठाकुर तराना में लव जिहाद और गोरक्षा जैसे मामलों में सक्रिय रहे हैं। इसी वजह से वह कुछ असामाजिक तत्वों की नज़र में चढ़ा हुआ था।
उज्जैन के तराना क्षेत्र में साम्प्रदायिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। मारपीट, पथराव और बस आग ने इलाके में स्थिति गंभीर बना दी है। पुलिस और प्रशासन ने बल तैनात किया है, लेकिन तनाव के चलते अभी पूरी तरह हालात नियंत्रण में नहीं हैं।


