नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा किसी भी हद तक अनैतिक कदम उठा सकती है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने में पीछे नहीं है।
मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप
खरगे ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें विपक्ष के वोट काटे जा रहे हैं और जीवित लोगों को मृत घोषित किया जा रहा है। उनका दावा है कि भाजपा को 65 लाख वोट काटे जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, जिससे साफ है कि इस प्रक्रिया से किसे लाभ हुआ।
उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग यह स्पष्ट नहीं कर रहा कि किन लोगों के वोट काटे जा रहे हैं और किस आधार पर यह फैसला लिया गया।
जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों का विपक्ष के खिलाफ खुलेआम इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जांच एजेंसियों के इस तरह के दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट को भी सरकार को आईना दिखाना पड़ा है।”
खरगे के अनुसार, सत्ता पक्ष का यह रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थाओं के लिए गंभीर खतरा है।
विदेश नीति पर भी सवाल
खरगे ने विदेश नीति को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत ने ‘गुटनिरपेक्ष नीति’ के कारण जो अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई थी, वह अब खो चुकी है। स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत अब हमसे दूर जा रहा है, जो लोकतंत्र और देश के भविष्य के लिए चिंताजनक है।
लोकतंत्र बचाने की अपील
अपने संबोधन में खरगे ने देशवासियों से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक राजनीतिक संघर्ष नहीं, बल्कि देश की आत्मा को बचाने की लड़ाई है।”
खरगे ने जोर देकर कहा कि सत्ता के लालच में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे हर हाल में रोका जाना चाहिए।
???? निष्कर्ष:
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप की यह जंग इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और भी गरम होने वाला है। मतदाता सूची विवाद और जांच एजेंसियों के इस्तेमाल का मुद्दा 2025 की राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।


