नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती के नियमों में अहम बदलाव किया है। गुरुवार को जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार, अब जब तक सभी पोस्टल बैलट की गिनती पूरी नहीं हो जाती, तब तक EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के आखिरी राउंड की गिनती शुरू नहीं होगी।
पोस्टल बैलट की गिनती में देरी तो रुकेगी EVM काउंटिंग
पहले के नियमों के तहत EVM और पोस्टल बैलट की गिनती समानांतर चलती थी। कई बार पोस्टल बैलट की गिनती में देरी होने पर भी EVM के परिणाम पहले घोषित कर दिए जाते थे। लेकिन नए नियमों के तहत अब यदि पोस्टल बैलट की गिनती में देरी होती है तो EVM की गिनती रोक दी जाएगी, ताकि दोनों प्रक्रियाएं साथ-साथ और पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से पूरी की जा सकें।
ज्यादा पोस्टल बैलट होंगे तो बढ़ेंगी काउंटिंग टेबल
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी क्षेत्र में पोस्टल बैलट की संख्या अधिक होती है, तो अतिरिक्त काउंटिंग टेबल लगाई जाएंगी। इसका उद्देश्य है कि मतगणना में किसी प्रकार की देरी न हो और अंतिम परिणाम समय पर और सही तरीके से घोषित किए जा सकें।
पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर जोर
चुनाव आयोग का मानना है कि इस बदलाव से गिनती प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेगी। इससे राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को भी विश्वास मिलेगा कि अंतिम परिणाम तक हर वोट की गिनती निष्पक्षता के साथ पूरी हुई है।
क्यों अहम है यह बदलाव?
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बिहार जैसे राज्यों में पोस्टल बैलट की संख्या अक्सर ज्यादा रहती है, खासकर सरकारी कर्मचारियों, चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और वरिष्ठ नागरिकों के कारण।
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पहले कई बार आरोप लगते थे कि पोस्टल बैलट की गिनती पूरी होने से पहले ही EVM के नतीजों को आगे बढ़ा दिया जाता है, जिससे भ्रम और विवाद की स्थिति पैदा होती थी।
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अब यह नया नियम इन विवादों पर रोक लगाने में मदद करेगा और चुनावी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास और मजबूत करेगा।


