नई दिल्ली। भारत के 15वें उपराष्ट्रपति पद के लिए मंगलवार को संसद में मतदान का महापर्व शुरू हो गया है। आज का मतदान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस महत्वपूर्ण चुनाव में पहला वोट डालकर प्रक्रिया की शुरुआत की। इस चुनाव में दो प्रमुख उम्मीदवार मैदान में हैं – राधाकृष्णन और रेड्डी।
प्रमुख पार्टियों का रुख
वोटिंग प्रक्रिया के दौरान विपक्षी दलों में अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है। अकाली दल, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की पार्टी तथा तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की पार्टी ने उपराष्ट्रपति चुनाव से दूरी बनाई है। उनकी यह चुप्पी राजनीतिक विश्लेषकों के लिए सवाल बन गई है।
राधाकृष्णन VS रेड्डी: किसका पलड़ा भारी?
यह उपराष्ट्रपति चुनाव दो बड़े नामों के बीच मुकाबला है। राधाकृष्णन का समर्थन सत्ताधारी गठबंधन द्वारा किया जा रहा है, जबकि रेड्डी विपक्ष के कई दलों का चेहरा बने हुए हैं। चुनाव के परिणाम से भारतीय राजनीति की दिशा पर बड़ा असर पड़ेगा।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उत्सव
इस उपराष्ट्रपति चुनाव को लोकतंत्र का उत्सव माना जा रहा है, जिसमें सांसदों द्वारा मतदान किया जा रहा है। वोटिंग से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि प्रक्रिया पूरी निष्पक्षता से संपन्न हो सके।
निष्कर्ष:
भारत में लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक उपराष्ट्रपति चुनाव आज राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले वोट डालने से माहौल और भी गंभीर हो गया है। आने वाले समय में पूरे देश की नजरें इस चुनाव के परिणाम पर टिकी रहेंगी, क्योंकि यह देश के संवैधानिक तंत्र की दिशा को प्रभावित करेगा।


