वृंदावन। उत्तर प्रदेश में इस समय नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा और यमुना समेत कई नदियां उफान पर हैं। खासकर मथुरा व वृंदावन क्षेत्र की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। मथुरा स्थित हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर बढ़कर पूरे इलाके को बाढ़ की चपेट में ले रहा है।
इस दौरान संत प्रेमानंद महाराज भी यमुना के बढ़ते जलस्तर का मंजर देखने वृंदावन पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है और प्रशासन को फौरन राहत कार्य शुरू करना चाहिए।
राधा वल्लभ मंदिर में पानी भरने से बढ़ी चिंता
वृंदावन के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक राधा वल्लभ मंदिर भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हो गया है। मंदिर परिसर में पानी भर जाने से भक्त और स्थानीय लोग भयभीत हैं। प्रशासन ने फिलहाल वहां से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का काम तेज़ कर दिया है।
कन्नौज में मकबरे की दीवार ढही
साथ ही कन्नौज जिले में भीषण बारिश के कारण ऐतिहासिक मकबरे की दीवार ढह गई।幸 अधिकारियों ने बताया कि हादसे में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन ढही दीवार के कारण वहां के पर्यटक स्थल पर जाने पर रोक लगा दी गई है।
उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेताया है कि अगले 24 से 48 घंटे में भीषण बारिश का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित जिलों में बचाव और राहत कार्य को तेज कर दिया है।
प्रशासन की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासन ने हर तरह की सावधानी बरतते हुए कई राहत शिविर स्थापित कर दिए हैं। फौजी व एनडीआरएफ की टीमें भी राहत कार्य में लगी हुई हैं। साथ ही जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जोरों पर है।
निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश में बाढ़ का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मथुरा व वृंदावन में स्थिति बेहद चिंताजनक है। प्रेमानंद महाराज जैसे धार्मिक गुरुओं का भी वहां पहुंचना इस गंभीरता को और बढ़ा देता है। प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। जनता से अपील की गई है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें।


