मथुरा। भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा मंगलवार को एक बार फिर आध्यात्मिक नगरी वृंदावन पहुंचे। दोनों ने केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। यह साल 2025 में संत प्रेमानंद महाराज से उनकी तीसरी मुलाकात है, जबकि कुल मिलाकर यह उनकी चौथी भेंट रही।
विराट और अनुष्का महाराज जी के सामने घुटनों के बल बैठकर सिर झुकाए हुए दिखाई दिए। दोनों ने हाथ जोड़कर संत की वाणी को गंभीरता और श्रद्धा से सुना। विराट माथे पर तिलक और गले में तुलसी की माला पहने हुए थे और महाराज जी की बातों पर मुस्कुराते हुए सिर हिलाकर सहमति जताते रहे।
अनुष्का बोलीं- हम आपके, आप हमारे
दर्शन के दौरान अनुष्का शर्मा ने भावुक होकर कहा—
“महाराज जी, हम आपके हैं और आप हमारे।”
इस पर संत प्रेमानंद महाराज ने मुस्कुराते हुए उत्तर दिया—
“हम सब श्रीजी के हैं। खूब आनंदपूर्वक रहो, मस्त रहो और भगवान के आश्रित रहो।”
अपने काम को भगवान की सेवा समझिए: प्रेमानंद महाराज
महाराज जी ने विराट और अनुष्का को जीवन का सार समझाते हुए कहा—
“अपने काम को भगवान की सेवा समझिए। गंभीर और विनम्र भाव से रहिए। जीवन को उन्नत बनाना है। जब तक भगवान की प्राप्ति न हो, तब तक हमारी यात्रा रुकनी नहीं चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि मनुष्य माया में भ्रमित होकर अनेक रिश्ते बनाता है, लेकिन अंत में सब छूट जाता है।
“जो हमारा असली पिता है, जिसने हमें बनाया, एक बार उसे देखने की लालसा होनी चाहिए।”
हम सब श्रीजी के बच्चे हैं
संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि हम सब एक ही छत्र के नीचे हैं—
“यह नीला आकाश उसी का छत्र है। हम सब उसी के बच्चे हैं। आगे का मार्ग भले न पता हो, लेकिन गुरु, आचार्य और इष्ट का हाथ थामकर हम निश्चित रूप से मंजिल तक पहुंचेंगे।”
भगवान के सन्मुख रहना जरूरी
रामायण का उदाहरण देते हुए महाराज जी ने कहा कि रावण के पास सब कुछ था, लेकिन विवेक नहीं था। भगवान से विमुख होने के कारण उसका पतन हुआ।
उन्होंने समझाया कि—
“जो भगवान का अनन्य चिंतन करता है, उसके योग और क्षेम की जिम्मेदारी स्वयं भगवान लेते हैं।”
भक्ति में विश्वास सबसे जरूरी
प्रह्लाद और अर्जुन का उदाहरण देते हुए महाराज जी ने कहा कि सच्चे भक्त की रक्षा भगवान स्वयं करते हैं।
उन्होंने कहा—
“भक्ति बिना विश्वास के नहीं होती और भक्ति के बिना सद्गति संभव नहीं है।”
संन्यास की घोषणा के बाद भी पहुंचे थे वृंदावन
गौरतलब है कि विराट कोहली ने करीब 7 महीने पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी। इसके अगले ही दिन वे अनुष्का शर्मा के साथ संत प्रेमानंद महाराज से मिलने वृंदावन पहुंचे थे। उस समय दोनों ने आश्रम में करीब ढाई घंटे बिताए थे।
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का संत प्रेमानंद महाराज से बार-बार मिलना यह दर्शाता है कि दोनों आध्यात्मिक मार्ग को अपने जीवन में विशेष महत्व देते हैं। संत की शिक्षाएं उन्हें जीवन, करियर और पारिवारिक संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देती हैं। वृंदावन की यह मुलाकात न सिर्फ श्रद्धा का प्रतीक रही, बल्कि जीवन को आध्यात्मिक दृष्टि से देखने का संदेश भी देती है।


