लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 75 लाख रुपये की अंग्रेजी शराब बरामद की है। यह शराब हरियाणा से बिहार भेजी जा रही थी।
तस्करों ने शराब को यूरिया खाद की बोरियों के बीच छिपाकर ट्रक में रखा था ताकि पुलिस जांच में पकड़ी न जाए।
एसटीएफ ने मौके से हरियाणा के झज्जर जिले के चिमनी गांव निवासी विश्ववेन्द्र पुत्र जितेन्द्र को गिरफ्तार किया है।
शराब बिहार चुनाव में खपाई जानी थी
एसटीएफ के अनुसार, पकड़ी गई शराब की खेप बिहार चुनाव में खपाने की योजना थी।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह खेप सोनू राठी, गुरनीत सिंह गोगिया और अतुल के गिरोह की थी। यह गिरोह हरियाणा और पंजाब से शराब लोड कर गुप्त चैंबर वाले ट्रकों के जरिए बिहार भेजता है।
एक तरफ ट्रक में चंडीगढ़ से यूरिया खाद लोड की जाती थी, और दूसरी तरफ गुप्त हिस्से में शराब रखी जाती थी।
इस खेप को दरभंगा (बिहार) में गिरोह के अन्य सदस्यों को सौंपा जाना था।
ड्राइवर को एक ट्रिप पर एक लाख रुपये दिए जाते थे।
STF की सटीक कार्रवाई
एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि हरियाणा नंबर के एक कंटेनर ट्रक में शराब की तस्करी की जा रही है।
टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर ओमेक्स कट, कल्ली पश्चिम, किसान पथ, थाना पीजीआई क्षेत्र में घेराबंदी की और ट्रक को रोका।
जांच के दौरान ट्रक के गुप्त चैंबर में 575 पेटियां अंग्रेजी शराब बरामद हुईं।
शराब की कीमत लगभग 75 लाख रुपये आंकी गई है।
नंबर प्लेट बदलकर कर रहे थे तस्करी
एसटीएफ के मुताबिक, ट्रक का असली नंबर एचआर 69 बी 7733 था, जिसे बदलकर यूपी 17 बीएम 3466 कर दिया गया था।
तस्कर हर बार नंबर प्लेट बदलकर शराब की खेप भेजते थे ताकि पुलिस उन्हें ट्रैक न कर सके।
आरोपी गिरफ्तार, गिरोह पर जांच जारी
एसटीएफ ने आरोपी विश्ववेन्द्र को गिरफ्तार कर पीजीआई थाने की पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
एसटीएफ अब गिरोह के अन्य सदस्यों — सोनू राठी, गुरनीत सिंह गोगिया और अतुल — की तलाश में जुटी है।
साथ ही जांच की जा रही है कि यह शराब बिहार के किन जिलों में सप्लाई की जानी थी और किन राजनीतिक या कारोबारी लोगों से इसका संबंध था।


