वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बनारस दौरे से ठीक पहले शुक्रवार शाम वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर बीजेपी विधायक सौरभ श्रीवास्तव और RPF अफसरों के बीच जमकर बहस और हाथापाई हो गई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें विधायक एक RPF कर्मी को धक्का देते और उसका हाथ पकड़कर गुत्थमगुत्था करते नजर आ रहे हैं।
🔹 महिला कार्यकर्ता को रोके जाने से शुरू हुआ विवाद
शुक्रवार शाम लगभग 5 बजे का यह मामला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला स्टेशन के पास से गुजरने वाला था, इसी दौरान सुरक्षा कारणों से वाहनों का प्रवेश निषेध था।
इसी बीच एक महिला कार्यकर्ता स्कूटी लेकर स्टेशन परिसर में प्रवेश करने लगी, जिसे ड्यूटी पर तैनात RPF कर्मियों ने रोक दिया।
उसी वक्त विधायक सौरभ श्रीवास्तव भी वहां पहुंचे।
महिला कार्यकर्ता को रोके जाने से विधायक नाराज हो गए और RPF कर्मी से बहस करने लगे। देखते-देखते स्थिति इतनी बिगड़ी कि विधायक ने अफसर को धक्का दे दिया।
🔹 वीडियो में दिखी हाथापाई और नोकझोंक
वायरल वीडियो में विधायक को RPF कर्मी से हाथापाई करते और जोर-जोर से बहस करते देखा जा सकता है।
विधायक के समर्थक भी मौके पर पहुंच गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
वहीं, स्टेशन पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों और अफसरों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
🔹 विधायक बोले — कार्यकर्ताओं का सम्मान जरूरी है
विवाद के बाद विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा,
“हमारे कार्यकर्ता जनता से जुड़े हुए हैं। उनका सम्मान सर्वोपरि है। अगर किसी महिला कार्यकर्ता को रोक दिया गया तो यह गलत है। मैंने अधिकारियों से कहा है कि ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे किसी को असुविधा न हो।”
उन्होंने अधिकारियों से लिखित शिकायत भी की और संबंधित RPF कर्मी को ड्यूटी से हटाने की मांग पर अड़े रहे।
🔹 अधिकारियों ने मामले को संभाला
विवाद के बाद पुलिस और रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया।
वरिष्ठ अफसरों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और विधायक से मुलाकात की।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, PM मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा में कोई ढील नहीं दी जा सकती थी, इसलिए RPF कर्मियों ने अपने निर्देशों का पालन किया।
🔹 PM मोदी का कार्यक्रम था स्टेशन पर
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनारस रेलवे स्टेशन से चार नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने वाले थे।
इस कार्यक्रम को लेकर रेलवे स्टेशन और आसपास का इलाका हाई अलर्ट पर था।
इसी दौरान यह राजनीतिक विवाद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।


