लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बुधवार से जनजाति भागीदारी उत्सव की रंगारंग शुरुआत हो गई।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस उत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ढोल बजाकर किया।
जैसे ही उन्होंने ढोल पर ताल दी, पास खड़े जनजातीय कलाकार तालियां बजाने लगे और माहौल संगीत और उत्साह से गूंज उठा।
यह उत्सव 18 नवंबर तक चलेगा और प्रवेश निशुल्क रखा गया है।
🪘 योगी बोले — “बिरसा मुंडा का योगदान अमर रहेगा”
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को याद किया।
उन्होंने कहा —
“धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश शासन के दौरान स्वतंत्रता संग्राम में अमूल्य योगदान दिया।
उनके संघर्ष और बलिदान को हम सदैव स्मरण रखेंगे।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं।
उन्होंने कहा —
“बिजनौर के 815 जनजाति परिवारों को 145 पीएम आवास दिए गए हैं।
इनके लिए शुद्ध पेयजल, मोबाइल मेडिकल यूनिट, आंगनबाड़ी केंद्र, मोबाइल टावर, 5 मल्टीपरपज सेंटर और 5 वन धन केंद्र स्वीकृत किए जा चुके हैं।”
💃 बिरसा मुंडा की पगड़ी पहन थिरके थारू
सीएम योगी के ढोल बजाने के बाद मंच पर जनजातीय कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
सोनभद्र के थारू समुदाय के कलाकारों ने भगवान बिरसा मुंडा की पारंपरिक वेशभूषा में मृदंग बजाया और समूह नृत्य किया।
महिलाएं पारंपरिक आभूषणों में सजीं और ताल पर थिरक उठीं।
सबसे रोमांचक दृश्य तब आया जब एक युवक 5 फीट ऊंचे डंडों पर खड़ा होकर नृत्य करने लगा।
उसका संतुलन और प्रदर्शन देखकर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।
🎨 कला, परंपरा और व्यंजन का संगम
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान परिसर (IGP) में इस अवसर पर 100 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं।
इनमें जनजातीय समुदायों की कला, हस्तशिल्प, लोक चित्रकारी, पारंपरिक आभूषण, घर के सजावटी सामान और स्थानीय व्यंजन प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
यह उत्सव केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की परंपराओं और जीवनशैली को सम्मान देने का मंच है।
लोगों को उनके संस्कृति, संगीत और आत्मनिर्भरता के संदेश से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
🧡 जनजातियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार थारू, कोल, गोंड, और अन्य जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए विशेष अभियान चला रही है।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की परंपराएं “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को और मजबूत करती हैं।


