ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक जवान पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक 21 वर्षीय छात्रा ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। छात्रा का आरोप है कि सीआरपीएफ जवान ने तीन साल तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और जब उसने शादी करने की बात कही, तो वह अपने वादे से मुकर गया। इसके बाद पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ पुलिस थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है।
क्या है पूरा मामला?
मूल रूप से मुरैना की रहने वाली पीड़िता वर्तमान में ग्वालियर के गोला का मंदिर इलाके में अपनी बहन के साथ किराए के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। इसी दौरान उसकी मुलाकात कांचमिल निवासी सौरभ सेंगर से हुई, जो सीआरपीएफ में आरक्षक (जवान) के पद पर तैनात है और जिसकी वर्तमान पदस्थापना मणिपुर में है।
जवान सौरभ सेंगर ने छात्रा से प्रेम संबंध स्थापित किए और उसे शादी का झांसा दिया। इसी झांसे में आकर उसने छात्रा को शहर के पड़ाव थाना क्षेत्र स्थित होटल नंदगिरी में बुलाया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। छात्रा के मुताबिक, जवान लगभग तीन साल से लगातार उसके साथ गलत काम कर रहा था। जब भी वह छुट्टी पर आता, उससे मिलता और शारीरिक संबंध बनाता।
शादी से मुकरा जवान, फोन करना किया बंद
हाल ही में जब छात्रा ने जवान पर शादी करने का दबाव बनाया और उसे संदेश भेजा, तो सौरभ सेंगर अपने वादे से मुकर गया। उसने न सिर्फ शादी करने से साफ इनकार कर दिया, बल्कि छात्रा का फोन उठाना भी बंद कर दिया। जवान के इस रवैये से आहत होकर छात्रा ने पूरी घटना अपने स्वजनों को बताई। इसके बाद, छात्रा अपने स्वजनों के साथ पड़ाव थाने पहुंची और आरोपी सीआरपीएफ जवान सौरभ सेंगर के खिलाफ दुष्कर्म और शादी का झांसा देने का मामला दर्ज कराया।
पड़ाव थाना पुलिस ने छात्रा की शिकायत के आधार पर आरोपी सीआरपीएफ जवान सौरभ सेंगर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की गहनता से जांच शुरू कर दी है।
यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही युवतियों के साथ होने वाले यौन शोषण और धोखे को उजागर करती है। एक सरकारी सुरक्षा बल में तैनात व्यक्ति द्वारा किया गया यह कृत्य न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि भरोसे का भी गंभीर हनन है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और अब इस मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की अपेक्षा है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।


