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वाराणसी में राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता और प्रदर्शनी के दौरान राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने आर्ट गैलरी बनाने की घोषणा की।

वाराणसी। काशी की समृद्ध कला और सांस्कृतिक परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। वाराणसी में अब युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक नया मंच मिलने की उम्मीद जगी है। राज्य ललित कला अकादमी, बनारस लिट. फेस्ट और नव भारत निर्माण समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने बनारस में एक आर्ट गैलरी के निर्माण की घोषणा की।

अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं ने ‘विविधता में एकता का राष्ट्र : भारत’ विषय पर अपनी कल्पनाशीलता को रंगों और चित्रों के माध्यम से सामने रखा। अलग-अलग आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने देश की विविधता, संस्कृति और एकता को अपनी कलाकृतियों में अभिव्यक्त किया।

आर्ट गैलरी से बदल सकता है युवा कलाकारों का भविष्य

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रविंद्र जायसवाल ने प्रदर्शनी में लगाई गई कलाकृतियों का अवलोकन किया और प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। इसी दौरान उन्होंने बनारस में आर्ट गैलरी बनाने की घोषणा की।

मंत्री ने कहा कि इस तरह की गैलरी बनने से युवा कलाकारों को अपनी कला को सार्वजनिक मंच पर प्रदर्शित करने का बेहतर अवसर मिलेगा। साथ ही कला से जुड़े क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए जा सकेंगे।

यह घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वाराणसी केवल धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान वाला शहर नहीं है, बल्कि इसकी पहचान संगीत, चित्रकला, हस्तशिल्प, मूर्तिकला और अन्य कलाओं से भी गहराई से जुड़ी हुई है। ऐसे में स्थायी आर्ट गैलरी युवा प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में मदद कर सकती है।

‘विविधता में एकता’ बनी चित्रकला प्रतियोगिता की थीम

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का विषय ‘विविधता में एकता का राष्ट्र : भारत’ रखा गया था। इस विषय के माध्यम से प्रतिभागियों को भारत की बहुलतावादी संस्कृति और राष्ट्रीय एकता को अपनी कलात्मक दृष्टि से प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

बच्चों और युवाओं ने अलग-अलग रंगों, आकृतियों और कल्पनाओं के माध्यम से देश की विविधता को चित्रों में उतारा। प्रदर्शनी में प्रतिभागियों की कलाकृतियों को देखने के लिए अतिथियों और आयोजन से जुड़े लोगों ने भी समय दिया।

दो आयु वर्गों में हुई प्रतियोगिता

प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों में विभाजित किया गया था। 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग में स्वप्निल यादव ने प्रथम स्थान हासिल किया। वर्षा माहेश्वरी दूसरे और प्रांजल यादव तीसरे स्थान पर रहे।

वहीं 17 से 25 वर्ष आयु वर्ग में श्यानु यादव ने प्रथम, सुहानी ने द्वितीय और अमन कुशवाहा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

दोनों आयु वर्गों में प्रतिभागियों को उनकी कलात्मक प्रतिभा के आधार पर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के चित्रकला विभाग की अध्यक्ष प्रो. जसमिंदर कौर और महिला महाविद्यालय, बीएचयू की प्रो. सरोज रानी शामिल रहीं।

विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र

10 से 17 वर्ष आयु वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को 2,100 रुपये, द्वितीय को 1,500 रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 1,100 रुपये के साथ प्रशस्ति-पत्र दिया गया। इस वर्ग में दस प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

17 से 25 वर्ष के आयु वर्ग में पुरस्कार राशि अपेक्षाकृत अधिक रखी गई। प्रथम पुरस्कार के रूप में 5,100 रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 3,100 रुपये और तृतीय पुरस्कार के रूप में 2,100 रुपये दिए गए। इस वर्ग में भी दस प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कला और रोजगार को जोड़ने की कोशिश

रविंद्र जायसवाल ने कहा कि बनारस की कला और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। उनके अनुसार युवा प्रतिभाओं को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपनी कला के प्रदर्शन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए।

आर्ट गैलरी की घोषणा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है। यदि गैलरी में नियमित प्रदर्शनियां, कलाकारों के लिए मंच और कला से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होते हैं, तो इससे स्थानीय कलाकारों को अपनी पहचान मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।

कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सुनील कुमार विश्वकर्मा, वित्तीय लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा प्रदीप कुमार पाल, वित्तीय सलाहकार जिला पंचायत वाराणसी मनीष कुमार सिंह और वरिष्ठ लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा प्रयागराज दुर्गेश सिंह सहित कई अतिथि मौजूद रहे।

अशोका इंस्टीट्यूट के चेयरमैन इंजीनियर अंकित मौर्या और वाइस चेयरमैन डॉ. अमित मौर्या ने अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। संस्थान के संस्थापक सदस्य इंजीनियर अशोक मौर्या भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

आयोजन समिति की ओर से बृजेश सिंह, शालिनी यादव, राजेश सिंह और शिखा सिंह सहित अन्य लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

News Desk

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