नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मंगलवार रात अचानक धरती हिलने से लोगों में हलचल मच गई। दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। शुरुआती जानकारी सामने आने के बाद लोग भूकंप की तीव्रता, केंद्र और संभावित असर को लेकर जानकारी जुटाने लगे। फिलहाल उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।
रात में महसूस हुए झटके, अचानक बढ़ी लोगों की चिंता
मंगलवार रात दिल्ली और आसपास के इलाकों में जब धरती कांपी तो कई लोगों को कंपन महसूस हुआ। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोगों के बीच इसकी चर्चा शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर भी दिल्ली-NCR में भूकंप महसूस किए जाने की जानकारी तेजी से सामने आने लगी।
शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, भूकंप के झटके दिल्ली के साथ-साथ NCR के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए। नोएडा समेत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य इलाकों में भी लोगों ने कंपन महसूस होने की जानकारी दी।
अभी सबसे बड़ा सवाल- कितनी थी भूकंप की तीव्रता?
भूकंप के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इसकी तीव्रता और केंद्र को लेकर है। शुरुआती खबर सामने आने के समय इन दोनों की आधिकारिक जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं थी। यही वजह है कि फिलहाल भूकंप को लेकर किसी निश्चित तीव्रता या केंद्र का दावा करना जल्दबाजी होगी।
भूकंप की वास्तविक तीव्रता, उसका केंद्र और जमीन के भीतर उसकी गहराई जैसी जानकारी आमतौर पर भूकंपीय निगरानी एजेंसियों के आंकड़ों के आधार पर स्पष्ट होती है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की लाइव जानकारी में देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज भूकंपीय घटनाओं का विवरण उपलब्ध कराया जाता है।
दिल्ली-NCR में पहले भी महसूस होते रहे हैं भूकंप के झटके
दिल्ली-NCR भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में समय-समय पर हल्के से लेकर अपेक्षाकृत तेज झटके महसूस किए जाते रहे हैं।
दिल्ली के आसपास के क्षेत्र में भूकंप आने पर सबसे पहले लोगों का ध्यान इस बात पर जाता है कि इसका केंद्र राजधानी के आसपास था या किसी दूसरे भूकंपीय क्षेत्र में। कई बार दूर स्थित भूकंप का प्रभाव भी दिल्ली-NCR में महसूस हो सकता है।
इसी वजह से मंगलवार रात के झटकों के बाद भी विशेषज्ञों और निगरानी एजेंसियों की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

कई राज्यों में भूकंपीय गतिविधियां भी दर्ज
6 अक्टूबर को देश के अलग-अलग हिस्सों में कई भूकंपीय घटनाएं दर्ज हुई हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को असम के नगांव में 4.5 तीव्रता और मणिपुर के तामेंगलांग में 2.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके अलावा अफगानिस्तान, भूटान, मेघालय और म्यांमार क्षेत्र में भी भूकंपीय गतिविधियां दर्ज हुईं। हालांकि इन घटनाओं को दिल्ली-NCR में महसूस हुए रात के झटकों से सीधे जोड़ना उचित नहीं होगा, जब तक आधिकारिक एजेंसियां इसकी पुष्टि न करें।
क्या हुआ कोई बड़ा नुकसान?
दिल्ली-NCR में झटके महसूस होने के बाद फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की पुष्टि सामने नहीं आई है। शुरुआती रिपोर्टों में भी नुकसान या हताहतों की जानकारी उपलब्ध नहीं थी।
हालांकि, भूकंप जैसी प्राकृतिक घटना के तुरंत बाद पूरी स्थिति सामने आने में कुछ समय लग सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना जरूरी है।
झटके महसूस हों तो क्या करें?
भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रहना सबसे जरूरी है। यदि घर के अंदर हैं तो मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे जाकर सिर और गर्दन को सुरक्षित किया जा सकता है। खिड़कियों, शीशों और भारी सामान से दूरी बनाना बेहतर होता है।
लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और झटके रुकने के बाद ही सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने की कोशिश करनी चाहिए। खुले स्थान में मौजूद लोगों को इमारतों, बिजली के खंभों और अन्य कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।


