नई दिल्ली: फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर अपनी शानदार सफलता को लेकर चर्चा में है। फिल्म में नीम करौली बाबा की भूमिका निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्या भी अचानक मिली लोकप्रियता के कारण सुर्खियों में हैं। इसी बीच अभिनेता का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल हो गया है, जिसके बाद वह एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
हालांकि इस बार वजह फिल्म की सफलता या उनके अभिनय की तारीफ नहीं, बल्कि उनका एक पुराना बयान है। वीडियो में अभिनेता दर्शकों से फिल्म का पाइरेटेड वर्जन ऑनलाइन न देखने की अपील करते दिखाई देते हैं। लेकिन वीडियो में इस्तेमाल किए गए ‘पाप का हिस्सा’ जैसे शब्दों को लेकर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने आपत्ति जताई और अभिनेता को ट्रोल करना शुरू कर दिया।
क्या है वायरल वीडियो की पूरी कहानी?
दरअसल, यह वीडियो नया नहीं है। शोभिनव सत्या ने इसे इसी साल अगस्त में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया था। उस समय अभिनेता ने फिल्म को दर्शकों से मिल रहे प्यार के लिए धन्यवाद दिया था और साथ ही फिल्म की ऑनलाइन पाइरेसी को लेकर चिंता जताई थी।
अभिनेता ने बताया था कि फिल्म के पाइरेटेड वर्जन को बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और टीवी पर देखा जा रहा है। उनका कहना था कि निर्माताओं ने फिल्म को इंटरनेट पर रिलीज नहीं किया था, इसलिए ऑनलाइन उपलब्ध गैरकानूनी कॉपी के जरिए फिल्म देखना सही नहीं है।
‘दूसरे के पाप का हिस्सा बन रहे हैं’—यहीं से शुरू हुआ विवाद
वीडियो में शोभिनव ने लोगों से पाइरेटेड फिल्म न देखने की अपील करते हुए कहा था कि कोई व्यक्ति फिल्म को चोरी-छिपे इंटरनेट पर उपलब्ध करा रहा है और उसे देखने वाले लोग अनजाने में दूसरे के ‘पाप’ का हिस्सा बन रहे हैं।
यही बात सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स को पसंद नहीं आई। वीडियो दोबारा वायरल होते ही लोगों ने अभिनेता के बयान को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कुछ यूजर्स का कहना था कि पाइरेसी के खिलाफ अपील करना सही है, लेकिन उसे धार्मिक या नैतिक ‘पाप’ से जोड़ना उचित नहीं लगा।
इस तरह फिल्म की पाइरेसी से जुड़ा पुराना वीडियो अचानक अभिनेता की ट्रोलिंग का कारण बन गया।

600-700 पाइरेटेड लिंक हटाने का किया था दावा
शोभिनव सत्या ने अपने वीडियो में यह भी बताया था कि फिल्म की टीम पाइरेसी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। उनके अनुसार, टीम उस समय तक फिल्म के करीब 600 से 700 पाइरेटेड लिंक हटवा चुकी थी।
अभिनेता की चिंता यह थी कि गैरकानूनी तरीके से फिल्म देखने से निर्माताओं और फिल्म से जुड़े लोगों को आर्थिक नुकसान होता है। उन्होंने दर्शकों को सिनेमाघर में फिल्म देखने की अपील भी की थी।
उनका कहना था कि ‘हनुमान अंश’ ऐसी फिल्म है जिसे मोबाइल पर अकेले देखने के बजाय पूरे परिवार के साथ सिनेमाघर में अनुभव किया जाना चाहिए।
ट्रोलिंग के बीच फिल्म की कमाई भी चर्चा में
विवाद के बीच फिल्म की सफलता लगातार सुर्खियां बटोर रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है।
60 दिनों के आंकड़ों के आधार पर फिल्म का भारत में नेट कलेक्शन करीब 325.48 करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन करीब 424.24 करोड़ रुपये तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
यानी जिस फिल्म की पाइरेसी को लेकर अभिनेता लोगों से अपील कर रहे थे, वही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं बड़ा प्रदर्शन करती नजर आई।
कौन हैं शोभिनव सत्या?
‘हनुमान अंश’ में नीम करौली बाबा का किरदार निभाकर शोभिनव सत्या को अचानक देशभर में पहचान मिली है। खास बात यह है कि उनका फिल्म में मुख्य भूमिका तक पहुंचने का सफर भी काफी अलग रहा।
रिपोर्टों के मुताबिक, वह शुरुआत में फिल्म से अभिनेता के तौर पर नहीं बल्कि असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में जुड़े थे। बाद में परिस्थितियां बदलीं और उन्हें नीम करौली बाबा की भूमिका निभाने का मौका मिला। निर्देशक ने उनके व्यक्तित्व और बाबा से मिलती-जुलती शारीरिक बनावट को भी भूमिका के लिए उपयुक्त माना।
अचानक मिली लोकप्रियता से बदली जिंदगी
फिल्म की सफलता के बाद शोभिनव की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। रिपोर्टों के मुताबिक, फिल्म से पहले उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर बहुत कम फॉलोअर्स थे, लेकिन फिल्म के बाद उनकी लोकप्रियता में जबरदस्त इजाफा हुआ।
अभिनेता ने अपने बारे में भी कहा है कि वह निजी जिंदगी को ज्यादा सार्वजनिक करना पसंद नहीं करते और अपनी निजी पहचान को लाइमलाइट से दूर रखना चाहते हैं।
सोशल मीडिया पर बयान बनाम अभिनेता की मंशा
वायरल वीडियो को लेकर एक तरफ जहां कुछ लोग अभिनेता की भाषा पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह भी स्पष्ट है कि वीडियो का मूल उद्देश्य फिल्म की पाइरेसी रोकने की अपील करना था।
सोशल मीडिया पर किसी पुराने वीडियो के दोबारा सामने आने के बाद बयान का संदर्भ अक्सर बदल जाता है। यही वजह है कि इस मामले में भी अभिनेता के पूरे संदेश और उस समय की परिस्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।


