UP Mission Shakti News: उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत बनाने के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस और प्रशासन ने व्यापक स्तर पर गतिविधियां संचालित की हैं। अभियान के दौरान महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने 99,377 गांवों और वार्डों का दौरा किया। वहीं, महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर करीब 2.90 लाख स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों की जांच की गई। इन प्रयासों का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अपने अधिकारों और सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी देना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में महिला सुरक्षा को कानून-व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रमों, पुलिस गश्त, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और जरूरतमंद महिलाओं को सहायता से जोड़ने पर जोर दिया गया।
99,377 गांवों और वार्डों तक पहुंची महिला बीट पुलिस
मिशन शक्ति अभियान के दौरान महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने प्रदेश के 99,377 गांवों और वार्डों का दौरा किया। इन दौरों के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की समस्याओं को सुनने तथा जरूरत के मुताबिक संबंधित विभागों से सहायता दिलाने की पहल की गई।
घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और भरण-पोषण से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रही महिलाओं को कानूनी सहायता तथा उपलब्ध सरकारी सेवाओं की जानकारी देने पर विशेष ध्यान दिया गया। जरूरतमंद महिलाओं को संबंधित विभागों से जोड़ने और उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई के लिए समन्वय स्थापित करने का प्रयास भी किया गया।
इस तरह की पहल का महत्व इसलिए बढ़ जाता है, क्योंकि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कई महिलाएं शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया या उपलब्ध सहायता सेवाओं से पूरी तरह परिचित नहीं होतीं।
करीब 2.90 लाख स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों की जांच
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभियान के दौरान पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी और जांच की। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2,90,153 स्कूल-कॉलेजों, चौराहों, बाजारों, मॉल, पार्कों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों की जांच की गई।
इस दौरान 38,64,614 व्यक्तियों की चेकिंग की गई। अभियान से संबंधित आंकड़ों में 1,841 मामले दर्ज किए जाने, 6,276 आरोपियों की गिरफ्तारी और 16,85,263 लोगों को चेतावनी दिए जाने का भी उल्लेख है।
हालांकि, इन आंकड़ों को समझते समय चेकिंग, दर्ज मामलों, गिरफ्तारियों और चेतावनी की कार्रवाई को अलग-अलग श्रेणियों के रूप में देखना जरूरी है। केवल जांच की संख्या से महिला अपराधों में कमी या सुरक्षा की स्थिति का पूरा आकलन नहीं किया जा सकता। इसके लिए अपराध दर, शिकायतों के निस्तारण और पीड़ितों को मिली सहायता जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण हैं।

66 हजार से अधिक महिलाओं और बालिकाओं ने लिया हिस्सा
मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुरक्षा जागरूकता से जुड़े दौड़ कार्यक्रमों में 66,441 महिलाओं और बालिकाओं ने हिस्सा लिया।
इन गतिविधियों के माध्यम से सुरक्षा संबंधी संदेशों और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। अभियान के दौरान 49,437 प्रचार सामग्री वितरित की गई।
इसके अलावा, धार्मिक स्थलों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित महिला चौपालों के माध्यम से 15,55,219 लोगों तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं से संबंधित जानकारी पहुंचाई गई।
मिशन शक्ति केंद्रों पर भी चला जागरूकता अभियान
प्रदेश में मिशन शक्ति केंद्रों को महिलाओं तक सुरक्षा और सहायता से संबंधित जानकारी पहुंचाने के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 1,593 मिशन शक्ति केंद्रों पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में 12,51,777 महिलाओं ने भाग लिया।
इन कार्यक्रमों में सरकारी योजनाओं, महिला हेल्पलाइन और सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी गई। ग्राम पंचायतों और वार्डों में आयोजित कार्यक्रमों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, बीसी सखी, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम तथा अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी सहयोग किया।
ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को सरकारी सेवाओं तक पहुंचने का रास्ता समझाने और स्थानीय स्तर पर उनकी समस्याओं की पहचान करने में मदद कर सकते हैं।
पुलिस गश्त और निगरानी पर भी जोर
अभियान के दौरान 59,897 स्थानों पर पुलिस गश्त और पैदल गश्त की गई। महिला अपराधों से जुड़े संवेदनशील स्थलों तथा हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 39,454 कैमरे लगाए जाने का भी उल्लेख किया गया।
रेलवे परिसरों में जागरूकता बढ़ाने के लिए राजकीय रेलवे पुलिस ने 4,893 रेलवे स्टेशनों और 11,226 ट्रेनों में प्रचार सामग्री वितरित की। इस पहल का उद्देश्य यात्रा के दौरान महिलाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी और उपलब्ध सहायता सेवाओं से परिचित कराना था।
महिलाओं की सुरक्षा के साथ आत्मनिर्भरता भी जरूरी
मिशन शक्ति का उद्देश्य केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं है। केंद्र सरकार की मिशन शक्ति योजना में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के साथ उनके सामाजिक तथा आर्थिक सशक्तीकरण पर भी जोर दिया गया है। इसमें महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर और अन्य सहायता व्यवस्थाओं जैसी सेवाएं शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश में अभियान के प्रभाव का वास्तविक आकलन इस बात से होगा कि महिलाएं कितनी आसानी से शिकायत दर्ज करा पाती हैं, उन्हें समय पर सहायता मिलती है या नहीं और सुरक्षा संबंधी मामलों का प्रभावी निस्तारण होता है या नहीं।
महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए पुलिस की सक्रियता के साथ सामाजिक जागरूकता, त्वरित कार्रवाई और महिलाओं के अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता भी आवश्यक है।


