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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में 7 गिरफ्तार! तीनों आरोपी मुंबई पहुंचे, आज कोर्ट में खुलेगा बड़ा राज?

नई दिल्ली/सोनीपत। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में हुई फायरिंग के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में गिरफ्तार हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान की मां शमशीदा ने अपने बेटे को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। मां के मुताबिक, कुछ लोग उनके बेटे को वेल्डिंग का काम दिलाने और अच्छी कमाई का भरोसा देकर घर से ले गए थे। उन्होंने आशंका जताई कि बेटे को अगवा करने के बाद धमकाकर फायरिंग की वारदात में शामिल कराया गया। हालांकि, यह परिवार की ओर से लगाया गया आरोप है और इसकी पुष्टि जांच से होनी बाकी है।

2 लाख रुपये कमाने का वादा, फिर घर से निकला रेहान

शमशीदा ने बताया कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से अपने पति रईसुद्दीन अंसारी से अलग रह रही हैं और सोनीपत के देवडू गांव में अपने मायके में बेटे के साथ रहती थीं। उनके अनुसार, रेहान ने दसवीं तक पढ़ाई की थी। पढ़ाई छोड़ने के बाद वह काम सीखकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा था।

मां का कहना है कि करीब 20 से 22 दिन पहले कुछ लोग उनके घर आए थे। उन्होंने रेहान को वेल्डिंग का काम सिखाने और सालाना दो लाख रुपये देने की बात कही। परिवार को लगा कि बेटा काम सीखकर कमाई कर सकेगा। इसके बाद वह उन लोगों के साथ घर से चला गया।

शमशीदा के मुताबिक, इसके बाद उनकी बेटे से बातचीत नहीं हो पाई। उन्हें यह जानकारी भी नहीं थी कि रेहान मुंबई कैसे पहुंच गया। जब टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की खबर सामने आई और बेटे की गिरफ्तारी की जानकारी मिली, तो परिवार के लिए यह बेहद बड़ा झटका था।

मां ने लगाया अपहरण और धमकाने का आरोप

रेहान की मां ने आशंका जताई कि जिन लोगों ने काम दिलाने के बहाने उनके बेटे को घर से बुलाया था, उन्होंने ही उसे अपने कब्जे में ले लिया होगा। उनका दावा है कि बेटे का फोन भी छीन लिया गया, जिससे वह परिवार से संपर्क नहीं कर सका।

शमशीदा ने यह भी आशंका जताई कि रेहान को नशीला पदार्थ देकर अपने साथ ले जाया गया होगा। हालांकि, इन दावों के समर्थन में स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस जांच में ही स्पष्ट हो सकेगा कि रेहान अपनी मर्जी से आरोपियों के साथ गया था या उसे किसी तरह के दबाव अथवा धोखे का सामना करना पड़ा।

मां ने अपने बेटे को निर्दोष साबित करने की मांग करते हुए कहा कि यदि उसने गलत किया है तो उसे कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए, लेकिन कथित तौर पर उसे इस रास्ते पर ले जाने वालों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

पहले भी दर्ज हो चुका था मामला

शमशीदा के अनुसार, अगस्त 2026 में रेहान के कुछ दोस्तों ने हथियारों के साथ तस्वीरें खिंचवाई थीं। रेहान भी उन तस्वीरों में शामिल था। मां का दावा है कि तस्वीर सामने आने के बाद उसके खिलाफ अवैध हथियारों से संबंधित मामला दर्ज हुआ था और उसे करीब 14 दिन जेल में रहना पड़ा था।

यह मामला अब इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि रेहान का नाम मुंबई में हुई फायरिंग की घटना में सामने आया है। उसके पुराने मामले और मौजूदा आरोपों के बीच क्या संबंध है, यह जांच का विषय है। किसी पुराने मामले में नाम आने से वर्तमान मामले में उसकी भूमिका अपने आप साबित नहीं हो जाती।

टाइगर श्रॉफ की कार पर कब हुई थी फायरिंग?

रिपोर्टों के मुताबिक, 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार के पास गोलीबारी हुई थी। घटना के समय अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे। इस हमले में अभिनेता को चोट नहीं आई, हालांकि रिपोर्टों में उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी दी गई।

मामले की जांच के दौरान बिहार के ऋतिक, हरियाणा के रेहान और एक नाबालिग समेत तीन संदिग्धों के नाम सामने आए। रिपोर्टों के अनुसार, घटना के अगले दिन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।

जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित की भूमिका भी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, उसने सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। हालांकि, किसी व्यक्ति के दावे और आपराधिक साजिश में उसकी वास्तविक भूमिका के बीच अंतर करना जरूरी है। इसकी पुष्टि पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही होगी।

पुलिस जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं?

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि रेहान मुंबई कैसे पहुंचा और फायरिंग की कथित साजिश में उसकी भूमिका क्या थी। इसके साथ ही यह भी पता लगाना जरूरी है कि क्या उसे वास्तव में नौकरी का लालच दिया गया था और क्या किसी ने उस पर दबाव बनाया था।

जांच एजेंसियों को संदिग्धों के आपसी संपर्क, यात्रा से जुड़े तथ्यों और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों की पड़ताल करनी होगी। मां के आरोपों की जांच भी महत्वपूर्ण है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनके दावों में कितनी सच्चाई है।

परिवार की आर्थिक स्थिति और बेटे के भविष्य को लेकर उसकी उम्मीदें इस मामले का भावनात्मक पहलू जरूर हैं, लेकिन अपराध में किसी की भूमिका का फैसला भावनाओं या आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए।

News Desk

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