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40 मिनट तक तड़पता रहा बेटा-बहू, दुनाली लेकर पहरा देता रहा पिता! फतेहपुर गोलीकांड की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी

उत्तर प्रदेश: के फतेहपुर जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर गांव में एक पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि एक पिता ने अपनी लाइसेंसी दुनाली बंदूक से बेटे और बहू पर गोली चला दी। इस घटना में बेटा गंभीर रूप से घायल हुआ और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई, जबकि बहू का इलाज जारी है।

घटना का सबसे भयावह पहलू यह बताया जा रहा है कि गोली लगने के बाद दोनों घायल करीब 40 मिनट तक घर के बाहर तड़पते रहे, जबकि आरोपी पिता बंदूक लेकर आसपास घूमता रहा। ग्रामीण भय के कारण उनकी मदद के लिए आगे नहीं बढ़ सके।

इलाज के खर्च और संपत्ति विवाद से शुरू हुआ झगड़ा

जानकारी के अनुसार, सीतापुर गांव निवासी रामखेलावन पटेल (75) के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अवनीश पटेल (35) एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत था और अपनी पत्नी मनीषा के साथ घर के अलग हिस्से में रहता था।

कुछ दिन पहले रामखेलावन की पत्नी मिथलेश का पैर फ्रैक्चर हो गया था। इसके बाद इलाज के खर्च और देखभाल को लेकर परिवार में तनाव बढ़ने लगा। बुधवार सुबह इसी मुद्दे पर पिता और बेटे के बीच कहासुनी शुरू हुई।

बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान बहू मनीषा भी वहां पहुंच गई। बातचीत के दौरान फसल और संपत्ति के बंटवारे का मुद्दा उठ गया, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।

धक्का लगते ही भड़क उठा गुस्सा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान रामखेलावन ने बहू पर हाथ उठाने की कोशिश की। बीच-बचाव में बेटे अवनीश ने पिता को धक्का दे दिया। यही घटना विवाद का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।

आरोप है कि अपमानित महसूस करने के बाद रामखेलावन अपने कमरे में गया और लाइसेंसी दुनाली बंदूक लेकर लौट आया। उसने पहले बेटे अवनीश पर गोली चलाई, जो उसके हाथ और शरीर के हिस्से में लगी। इसके बाद दूसरी गोली बहू मनीषा के पेट में जा लगी।

40 मिनट तक नहीं मिली मदद

गोलीबारी के बाद घायल अवनीश घर से बाहर भागने की कोशिश करता रहा, लेकिन कुछ दूरी पर गिर पड़ा। वहीं बहू मनीषा भी गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गई।

ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद आरोपी काफी देर तक बंदूक लेकर घर के बाहर घूमता रहा। इससे गांव में दहशत फैल गई और कोई भी व्यक्ति घायलों की मदद के लिए आगे आने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

करीब 40 मिनट तक दोनों घायल दर्द से तड़पते रहे। बाद में किसी ग्रामीण ने गांव के बाहर से डायल 112 पर सूचना दी।

एंबुलेंस न मिलने पर निजी वाहन से पहुंचाया अस्पताल

ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी। ऐसे में ग्राम प्रधान और अन्य लोगों ने निजी वाहन की व्यवस्था की और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को गंभीर हालत में कानपुर रेफर कर दिया गया। वहां रीजेंसी अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने अवनीश को मृत घोषित कर दिया। वहीं मनीषा के पेट से ऑपरेशन के जरिए गोली निकाली गई और उसका उपचार जारी है।

घटना के बाद फरार हुआ आरोपी

वारदात के बाद आरोपी पिता घर में बंदूक छोड़कर कपड़े बदले और साइकिल से फरार हो गया। कुछ ग्रामीणों ने उसे हरीखेड़ा स्थित शराब दुकान के आसपास जाते हुए देखा था।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

चार दशक पुरानी डकैती से जुड़ी थी बंदूक

ग्रामीणों के अनुसार, करीब 40 वर्ष पहले रामखेलावन के परिवार पर डकैती हुई थी, जिसमें उसके पिता की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने उसे लाइसेंसी दुनाली बंदूक उपलब्ध कराई थी।

विडंबना यह रही कि परिवार की सुरक्षा के लिए मिली वही बंदूक बाद में परिवार के लिए ही जानलेवा साबित हुई।

गांव में पसरा मातम

इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि एक पारिवारिक विवाद इतना भयावह रूप ले सकता है।

पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

फतेहपुर के सीतापुर गांव की यह घटना पारिवारिक विवादों के खतरनाक परिणामों की एक दर्दनाक मिसाल बन गई है। इलाज के खर्च, संपत्ति और पारिवारिक तनाव से शुरू हुआ विवाद एक बेटे की जान ले बैठा और पूरे परिवार को गहरे सदमे में छोड़ गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।

News Desk

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