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UP Ration Dealer: ‘लूट उनकी होती थी, गाली आप खाते थे’, CM योगी ने कोटेदारों को दी बड़ी सौगात; कमीशन बढ़ाकर किया ये ऐलान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े कोटेदारों के लिए सोमवार को बड़ी घोषणा की गई। राजधानी लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के तहत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में बढ़ोतरी की भी घोषणा की गई।

सरकार के अनुसार, कोटेदारों का लाभांश 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है। यानी इसमें 35 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसमें केंद्र सरकार की ओर से 10 रुपये और राज्य सरकार की ओर से 25 रुपये की बढ़ोतरी शामिल है।

‘लूट उनकी होती थी, गाली आपको खानी पड़ती थी’

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोटेदारों से कहा कि पहले व्यवस्था की खामियों का खामियाजा उचित दर विक्रेताओं को भुगतना पड़ता था। उन्होंने कहा कि कोटेदार पहले भी मेहनत करते थे, लेकिन यदि शासन स्तर से राशन की आपूर्ति में समस्या आती थी तो जनता की नाराजगी का सामना उन्हें करना पड़ता था।

सीएम ने कहा कि उस समय लोगों में ‘कोटेदार’ शब्द को लेकर ही नकारात्मक धारणा बन गई थी। उनके मुताबिक, गलती किसी और की होती थी, लेकिन उसका असर कोटेदारों की छवि पर पड़ता था।

योगी ने कहा कि सरकार ने व्यवस्था में तकनीक और पारदर्शिता को शामिल कर इस धारणा को बदलने का प्रयास किया है।

90 से 125 रुपये प्रति कुंतल हुआ लाभांश

सरकार की नई घोषणा से प्रदेश के हजारों उचित दर विक्रेताओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभांश में 35 रुपये की वृद्धि की गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार कोटेदारों के लाभांश में 25 रुपये और बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिख चुकी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद उचित दर विक्रेताओं के लिए व्यवस्था और बेहतर हो सकती है।

ई-पॉस से होगी फीडबैक की निगरानी

नई व्यवस्था में ई-पॉस मशीन को सिर्फ राशन वितरण तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसके जरिए उचित दर विक्रेताओं से जुड़े फीडबैक की निगरानी भी की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं तथा उचित दर विक्रेताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से ई-पॉस मशीनों के इस्तेमाल की शुरुआत की गई थी।

इसके साथ ही सरकार ने सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था लागू की, जिसके तहत राशन को एफसीआई के गोदाम से सीधे उचित दर की दुकान तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

अब राशन की दुकान से बिक सकेंगे 39 तरह के सामान

मुख्यमंत्री ने बताया कि उचित दर विक्रेताओं की दुकानों को अब अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए इस वर्ष 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इन भवनों में दुकान के साथ गोदाम की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। सीएम के अनुसार, पहले कोटेदार मुख्य रूप से राशन की बिक्री तक सीमित रहते थे, लेकिन अब नियमों के तहत वे 39 प्रकार के अन्य सामान भी अपनी दुकानों से बेच सकते हैं।

हालांकि नशीले, ज्वलनशील या देश और समाज के प्रतिकूल आचरण से जुड़े सामानों की बिक्री की अनुमति नहीं होगी।

15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत उत्तर प्रदेश में करीब 15 करोड़ लोगों को लगातार निशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने निराश्रित और दिव्यांग लाभार्थियों तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था का भी उल्लेख किया।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था में तकनीकी सुधार के बाद शिकायतों में काफी कमी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जनता दर्शन में राशन से जुड़ी बड़ी संख्या में शिकायतें आती थीं, जबकि अब ऐसी शिकायतों में काफी कमी आई है।

कोरोना काल में कोटेदारों की भूमिका का भी जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कोटेदारों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब महामारी के दौरान सामान्य गतिविधियां प्रभावित थीं, तब भी उचित दर विक्रेताओं ने लोगों तक राशन पहुंचाने का काम जारी रखा।

उन्होंने कहा कि उस दौरान दाल, नमक और तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं का भी वितरण कराया गया और सरकार के अनुसार व्यवस्था सुचारु रूप से चली।

सम्मान के साथ काम करने की अपील

मुख्यमंत्री ने कोटेदारों से कहा कि ऐसा काम किया जाना चाहिए जिसमें सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य उचित दर विक्रेताओं की छवि को बेहतर बनाना और राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।

ई-पॉस आधारित फीडबैक सिस्टम, लाभांश में बढ़ोतरी और अन्नपूर्णा भवन जैसी व्यवस्थाओं के जरिए सरकार राशन दुकानदारों को नई भूमिका देने की कोशिश कर रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि नई डिजिटल निगरानी व्यवस्था जमीनी स्तर पर राशन वितरण और उपभोक्ताओं के अनुभव को कितना बेहतर बनाती है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने कोटेदारों के लिए लाभांश बढ़ाने के साथ राशन वितरण व्यवस्था में डिजिटल निगरानी को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं का लाभांश 90 से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल किया गया है। वहीं ई-पॉस आधारित फीडबैक सिस्टम के जरिए व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। सरकार का दावा है कि इन सुधारों से राशन वितरण में पारदर्शिता और कोटेदारों का सम्मान दोनों बढ़ेंगे।

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