लखनऊ: लखनऊ में पिछले तीन दिनों से जारी भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश ने न केवल आम लोगों को परेशानी में डाला, बल्कि कई जगह जान-माल का भी नुकसान हुआ है। मोहनलालगंज में नाले में गिरने से एक किशोर की मौत हो गई, वहीं गोमती नदी में एक युवक के बह जाने की सूचना है।
आशियाना में जलभराव, बाढ़ जैसे हालात
आशियाना क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते कई कॉलोनियों में पानी घरों के अंदर घुस गया है। सड़कों पर knee-deep पानी और जाम के कारण लोग घंटों फंसे रहे। जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
नाका में गिरा घर, मलबे में दबे लोग
नाका हिंडोला क्षेत्र में एक कच्चा मकान देर रात बारिश के दबाव में ढह गया। राहत व बचाव टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का कार्य जारी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मलबे में कितने लोग दबे थे, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार के सदस्य घर में ही थे।
नगर निगम के कार्यालय की छत भी टपकी
विपरीत हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि खुद नगर निगम कार्यालय की छत से भी पानी टपकने लगा। कर्मचारियों को जरूरी कागज़ात और कंप्यूटर हटाकर बचाने पड़े। नगर निगम की लापरवाही पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
गाय पहुंची चौथी मंजिल तक
बारिश से बचने के लिए एक अनोखा दृश्य भी देखने को मिला। आशियाना इलाके में एक गाय लगातार चढ़ती हुई एक इमारत की चौथी मंजिल तक पहुंच गई। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों ने इसे “प्राकृतिक आपदा में जानवरों का संघर्ष” बताया।
प्रशासन की तैयारी पर उठे सवाल
हर साल बारिश में लखनऊ की सड़कों का जलभराव और पुराने घरों का गिरना अब एक आम बात बन गई है। नागरिकों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर #LucknowRain और #FloodAlert ट्रेंड कर रहा है।
निष्कर्ष
तीन दिनों की लगातार बारिश ने लखनऊ को संकट में डाल दिया है। अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह तात्कालिक राहत के साथ-साथ स्थायी समाधान के लिए योजनाबद्ध कदम उठाए, जिससे हर साल यह स्थिति न दोहराई जाए।


