लखनऊ/बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को हुए बवाल के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया। अगले दिन लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मौलाना तौकीर रजा को सीधे निशाने पर लिया।
योगी ने कहा—
“मौलाना भूल गया कि शासन किसका है। वह मानता था कि धमकी देंगे और जबरदस्ती जाम कर देंगे। हमने कहा कि न जाम होगा, न कर्फ्यू लगेगा। ऐसा सबक सिखाएंगे कि आने वाली पीढ़ियां दंगा करना भूल जाएंगी।”
श्रावस्ती से भी सख्त संदेश
श्रावस्ती में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जब भी कोई हिंदू त्योहार आता है तो कुछ लोगों को “गर्मी” आने लगती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा—
“उनकी गर्मी शांत करने के लिए हमें डेंटिंग-पेंटिंग का सहारा लेना पड़ता है।”
योगी ने आगे कहा कि “आई लव मोहम्मद” कहकर कुछ लोग शारदीय नवरात्र जैसे पावन पर्व में माहौल बिगाड़ने का प्रयास करते हैं। मां चंडी उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी। आस्था अपने घरों में कीजिए, लेकिन सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।”
बरेली में बवाल की पृष्ठभूमि
दरअसल, 26 सितंबर को बरेली में “आई लव मोहम्मद” पोस्टर विवाद के चलते बवाल भड़क गया था। बड़ी संख्या में लोग मौलाना तौकीर रजा के बुलावे पर जमा हुए और पथराव के साथ हिंसा हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े थे।
सरकार का दावा है कि हालात अब नियंत्रण में हैं और किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक और सामाजिक संदेश
सीएम योगी का यह बयान स्पष्ट करता है कि सरकार दंगे और सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ सख्त नीति पर कायम है। साथ ही यह संदेश भी दे रही है कि किसी भी त्योहार पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


