वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह जंग चार साल से चल रही है, जबकि इसे तो एक सप्ताह में खत्म हो जाना चाहिए था। ट्रंप ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि पुतिन इस युद्ध को क्यों जारी रखे हुए हैं।
ट्रंप ने कहा, “मैं बहुत निराश हूं क्योंकि व्लादिमीर पुतिन और मेरे बीच बहुत अच्छे संबंध थे — शायद अब भी हैं। लेकिन यह युद्ध उनके लिए बहुत बुरा साबित हो रहा है। उन्होंने लगभग डेढ़ लाख सैनिक खो दिए हैं। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद मौतों के मामले में सबसे बड़ी घटना है।”
पुतिन को लेकर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई समझ नहीं कि पुतिन इस संघर्ष को क्यों लंबा खींच रहे हैं।
उन्होंने कहा, “वह चार साल से चल रहे उस युद्ध में जा रहे हैं जिसे उन्हें एक हफ्ते में जीत लेना चाहिए था। यह युद्ध भयानक है और उन्होंने बहुत नुकसान झेला है।”
ट्रंप ने दावा किया कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने आठ बड़े वैश्विक संघर्षों को खत्म करवाया था। “भारत और पाकिस्तान के बीच भी युद्ध की संभावना थी, लेकिन हमने उसे रोक लिया,” उन्होंने कहा।
जेलेंस्की संग बैठक से पहले बयान
ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब वह शुक्रवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मिलने वाले हैं।
इस बैठक में यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य और आर्थिक सहायता पर चर्चा होने की संभावना है।
इससे पहले बुधवार को ट्रंप ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिली के साथ व्हाइट हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की थी।
बैठक के दौरान अमेरिका ने अर्जेंटीना को उसकी अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए 20 अरब डॉलर के पैकेज की घोषणा की।
यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलें देने पर विचार
अमेरिका यूक्रेन को लंबी दूरी की “टॉमहॉक” क्रूज मिसाइलें देने पर विचार कर रहा है।
ट्रंप ने हाल ही में कहा था, “अगर यूक्रेन संकट नहीं सुलझता, तो हमें रूस से टॉमहॉक्स पर बात करनी पड़ेगी। हम उन्हें कीव भेज सकते हैं।”
इससे पहले, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सितंबर के अंत में कहा था कि व्हाइट हाउस कीव को टॉमहॉक मिसाइलें देने पर विचार कर रहा है।
एक टॉमहॉक मिसाइल की कीमत करीब 11.44 करोड़ रुपये है और इसकी मारक क्षमता 2,500 किलोमीटर तक है।
नाटो सदस्य देश एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहक्ना ने कहा कि “अगर अमेरिका यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलें देता है, तो यह रूस के लिए एक स्पष्ट संदेश होगा और उसके सैन्य प्रभाव को कमजोर करेगा।”
जेलेंस्की ने विशेष रूप से मिसाइलों का अनुरोध किया था
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टॉमहॉक मिसाइलों की डिलीवरी पर चर्चा पिछले महीने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात के बाद शुरू हुई थी।
उस बैठक में जेलेंस्की ने विशेष रूप से अमेरिका से इन मिसाइलों की मांग की थी।
वहीं, रूस की तरफ से इस संभावना पर कड़ा रुख अपनाया गया है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर अमेरिका यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलें देता है, तो वाशिंगटन और मॉस्को के बीच संबंध “गंभीर रूप से प्रभावित” होंगे।
टॉमहॉक से रूस के 1,900 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमला संभव
इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) की रिपोर्ट के अनुसार, यदि यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलें मिल जाती हैं, तो वह रूस के करीब 1,900 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है।
इनमें येलाबुगा की शाहेद ड्रोन फैक्ट्री और सारातोव स्थित एंगेल्स-2 एयरबेस जैसे रणनीतिक ठिकाने शामिल हैं।
ISW का कहना है कि इस मिसाइल प्रणाली से यूक्रेन की जवाबी हमले की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।


