प्रयागराज। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर संगम नगरी प्रयागराज में देव दीपावली का भव्य आयोजन किया गया।
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर 5 लाख दीपों की रोशनी से पूरा क्षेत्र जगमगा उठा।
संगम से लेकर अरैल घाट, किला घाट, दारागंज, नागवासुकी मंदिर और गऊघाट तक हर घाट पर आस्था का सागर उमड़ा रहा।
संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने दीपदान, गंगा स्नान और आरती के साथ भगवान शिव और गंगा माता से सुख-समृद्धि की कामना की।
करीब 2 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई, वहीं लाखों दीये जलाकर घाटों को स्वर्ग जैसा दृश्य प्रदान किया।
🌅 5 लाख दीपों से सजे घाट, रंग-बिरंगी रोशनी और भव्य आयोजन
संगम घाटों पर भक्तों ने दीपदान करते हुए मनौती मांगी।
परमार्थ निकेतन की ओर से पूरे अरैल घाट को दीपों से सजाया गया, जहां 51,000 दीपों का सामूहिक दीपदान हुआ।
घाटों पर लेजर शो, भजन संध्या और आतिशबाजी का आयोजन हुआ।
आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा और संगम किनारे मौजूद हजारों श्रद्धालु इस नज़ारे को अपने कैमरों में कैद करते रहे।
महिलाओं ने दीपदान और पूजा-अर्चना कर परिवार की मंगलकामना की, वहीं बच्चे दीप सजाने में व्यस्त रहे।
🎭 सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा संगम तट
अरैल घाट पर स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य, भजन और लोकगीतों की प्रस्तुति दी।
सांस्कृतिक मंच पर भजन संध्या के दौरान माहौल भक्तिमय बना रहा।
आतिशबाजी ने उत्सव को चार चांद लगा दिए।
नगर के गणमान्य अतिथि — मेयर गणेश केसरवानी, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, डीएम मनीष वर्मा और पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने भी दीप जलाकर उत्सव की शुरुआत की।
🕉️ धार्मिक मान्यता और शुभ योग
हिंदू परंपरा के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन देवता स्वयं पृथ्वी पर अवतरित होकर गंगा में स्नान करते हैं।
इसीलिए इस दिन गंगा स्नान और दीपदान का अत्यंत धार्मिक महत्व है।
इस वर्ष देव दीपावली पर हंस नामक राजयोग और शिव वास योग जैसे शुभ संयोग बने।
दीपदान का शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में शाम 5:15 से 7:50 बजे तक रहा।
🚩 प्रशासन और सेवादारों का सराहनीय प्रबंधन
पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।
200 नाविकों और सेवकों को सम्मानित किया गया — उन्हें अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और जीवन रक्षक जैकेट प्रदान किए गए।
अतिथियों का स्वागत परेश दवे, अनुराधा टंडन और शालिनी सिंह ने किया।
पूरे क्षेत्र में सफाई, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा गया।


