in ,

लखनऊ में जगमगाई देव दीपावली: गोमती घाटों पर 3 लाख दीप प्रज्वलित, फूलों की रंगोली में दिखे बांके बिहारी और जर्नल सोफिया की छवि

मनकामेश्वर घाट पर 2.51 लाख और लक्ष्मण मेला घाट पर 51 हजार दीप जलाए गए; NCC कैडेट्स व स्टूडेंट्स ने बनाई आकर्षक रंगोलियां, नारी शक्ति और टीकाकरण को समर्पित थी थीम।

लखनऊ: में बुधवार शाम देव दीपावली का भव्य आयोजन हुआ। शहर की सांस्कृतिक आत्मा कही जाने वाली गोमती नदी के घाट लाखों दीपों की रौशनी से जगमगा उठे। मनकामेश्वर घाट पर 2 लाख 51 हजार और लक्ष्मण मेला घाट पर 51 हजार दीप जलाए गए। दीयों से “राम” और “जीरो वैक्सिनेशन” जैसे संदेश लिखे गए।

पूरे आयोजन में तीन लाख से अधिक दीपक एक साथ जलाकर अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया गया। फूलों से सजी रंगोलियों में भगवान बांके बिहारी, मोर, और भारतीय सेना की जर्नल सोफिया कुरैशी की झलक देखने को मिली।


🌸 घाटों की साज-सज्जा और छात्राओं की पहल

देव दीपावली से पहले GGIC शाहमीना की छात्राओं ने मनकामेश्वर घाट की तीन दिन तक सफाई की। NCC की 26 कैडेट्स ने घाट की सजावट और दीपों की व्यवस्था में योगदान दिया।

NCC लेफ्टिनेंट आरती सिंह ने बताया —

“महंत देव्यागिरि ने पिछले वर्ष हमसे घाट सजावट में सहयोग मांगा था। इस बार हम देव दीपावली को और भव्य बनाने में हिस्सा ले रहे हैं।”

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज, आर्यबाजार तोपखाना कैंट स्कूल और बाल निकुंज इंग्लिश स्कूल के बच्चों ने भी रंगोलियां बनाकर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया।


🕯️ आरती स्थल पर लहराई श्रद्धा की लहर

मनकामेश्वर महादेव मंदिर की महंत देव्यागिरि ने मंत्रोच्चार के बीच पहला दीप जलाकर देव दीपावली की शुरुआत की। आरती स्थल को फूलों, लाइटिंग और नगाड़ों से सजाया गया था।

मनकामेश्वर घाट पर दीयों से “मां गोमती” और “राम” शब्द उकेरे गए, वहीं लक्ष्मण मेला घाट पर भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की वनवापसी दर्शाने वाली रंगोली ने सबका ध्यान खींचा।


👩‍🚀 नारी शक्ति और जनजागरूकता की थीम

इस बार देव दीपावली का आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का प्रतीक भी रहा।

लक्ष्मण मेला घाट पर बनाई गई एक रंगोली नारी शक्ति को समर्पित थी, जिसमें कल्पना चावला, हरमनप्रीत कौर और कर्नल सोफिया कुरैशी की तस्वीरें दिखाई गईं।

वहीं रोडवेज कर्मचारियों ने बस की आकृति में रंगोली बनाकर लिखा —

“सुगम, समन्वित व सुरक्षित बस सेवा — संकट का साथी।”


🪔 देव दीपावली का महत्व और परंपरा

महंत देव्यागिरि ने बताया कि पिछले 15 वर्षों से गोमती नदी तट पर देव दीपावली और दीपदान का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा —

“पौराणिक ग्रंथों के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन देवता अदृश्य रूप में पृथ्वी पर उतरकर नदी तटों पर दीपों के प्रकाश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। यह पर्व देवताओं के स्वागत का प्रतीक है।”

महंत ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे परिवार और मित्रों के साथ आकर दीपदान में शामिल हों और मां गोमती की आरती का हिस्सा बनें।

News Desk

Written by News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पति ने 1 लाख में पत्नी की हत्या कराई: लखनऊ में 5 महीने की प्रेग्नेंट महिला की सुपारी देकर कराई हत्या, आम के बाग में मिला शव

योगी ने मुख्तार अंसारी की जमीन पर बने 72 फ्लैट गरीबों को सौंपे: बोले– माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने वालों पर भी होगी कार्रवाई, मंत्री सुरेश खन्ना पर ली चुटकी