लखनऊ: में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी 5 महीने की प्रेग्नेंट पत्नी की हत्या सिर्फ पैसों और आपसी विवाद के चलते करवा दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पति ने पत्नी की हत्या करवाने के लिए 1 लाख रुपए की सुपारी दी थी।
मामला लखनऊ के माल थाना क्षेत्र के बशहरी गांव का है। 3 नवंबर को गांव के एक आम के बाग में एक महिला का सड़ा हुआ शव मिला। शरीर पर कपड़े फटे हुए थे और कई जगह चोट के निशान भी थे। शव के पास मोबाइल फोन पड़ा मिला।
🔹 शव की पहचान और जांच की शुरुआत
गांव के किसान राजपाल उर्फ होरीलाल ने सुबह खेत की जुताई करते समय झाड़ियों से बदबू आती देख पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और आसपास के थानों में फोटो भेजकर पहचान कराने की कोशिश की।
उसी दिन दुर्गा बेगरिया गांव के निवासी राजू गुप्ता थाने पहुंचा और बताया कि उसकी पत्नी पूजा गुप्ता तीन दिन से लापता है। जब पुलिस ने शव का मिलान कराया तो यह उसकी पत्नी पूजा का ही निकला।
शक के घेरे में आए पति से पूछताछ की गई, जिसमें वह गोलमोल जवाब देने लगा। पुलिस को उसकी बातों पर शक हुआ और जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली।
🔹 आरोपी पति का कबूलनामा
एसीपी मलिहाबाद सुजीत कुमार दुबे के मुताबिक, आरोपी राजू गुप्ता ने कबूल किया कि उसने अपनी पत्नी पूजा की हत्या चार साथियों की मदद से करवाई।
राजू की पहली पत्नी की मौत हो चुकी थी। इसके बाद उसने दो साल पहले सीतापुर की पूजा देवी से दूसरी शादी की थी। पूजा भी पहले शादीशुदा थी और उसके तीन बच्चे (सुमन, कृष्ण, मोनू) थे।
शुरुआत में दोनों के बीच संबंध सामान्य रहे, लेकिन बाद में झगड़े बढ़ने लगे। पूजा लगातार पैसे की मांग करती थी और राजू को उसकी पहली पत्नी के बच्चों से मिलने नहीं देती थी।
हाल ही में राजू ने लगभग ₹10 लाख में एक प्लॉट बेचा था, और पूजा उससे पैसों की मांग कर रही थी। इसी तनाव से परेशान होकर राजू ने अपने जानकार अनीस से बात की, जिसने उसे शकील, राजेश और सर्वेश से मिलवाया।
इन्होंने मिलकर पूजा की हत्या की साजिश रची।
31 अक्टूबर को चारों आरोपी, राजू के कहने पर, पूजा को बाग में बहला-फुसलाकर ले गए और गला घोंटकर हत्या कर दी।
🔹 बेटी सुमन ने किया खुलासा
मृतका की बेटी सुमन ने बताया कि उसकी मां 31 अक्टूबर की दोपहर अपने दूसरे पति राजू के साथ घर आई थी। उन्होंने साथ में चाय पी और आमलेट खाया। इसके बाद दोनों चले गए।
शाम को जब मां का मोबाइल बंद आया, तो पिता (राजू) ने कहा कि “कहीं गई होगी, आ जाएगी।” तीन दिन बाद भी मां का कोई पता नहीं चला। 3 नवंबर को पुलिस ने शव मिलने की सूचना दी और पहचान के लिए बुलाया। सुमन ने ही शव की पहचान की और रोते हुए कहा —
“मेरे दूसरे पिता ने अपने साथियों के साथ मिलकर मां को मार डाला।”
🔹 गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई
राजू गुप्ता की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में शामिल चार अन्य आरोपियों — अनीस, शकील, राजेश और सर्वेश — को भी गिरफ्तार कर लिया। सभी को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया गया।


