बिलासपुर (छत्तीसगढ़)।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम एक भीषण रेल हादसा हुआ। कोरबा पैसेंजर ट्रेन और एक खड़ी मालगाड़ी के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में कम से कम 8 लोगों की मौत और 16-17 यात्री घायल हुए हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया।
हादसा बिलासपुर-कटनी रेल सेक्शन के गटौरा स्टेशन के पास लाल खदान इलाके में हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि पैसेंजर ट्रेन का इंजन मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया और कई बोगियां बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं।
🔹 रेस्क्यू जारी, बोगी काटकर यात्रियों को निकाला जा रहा
टक्कर के बाद कई यात्री ट्रेन के डिब्बों में फंस गए। रेलवे, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
गैस कटर से बोगियों को काटकर यात्रियों को बाहर निकाला जा रहा है।
अभी भी दो यात्री अंदर फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने का प्रयास जारी है।
रेलवे के सीपीआरओ विपुल कुमार ने बताया कि घायलों को रेलवे अस्पताल, सिम्स और अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अब तक कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, और रेस्क्यू टीम लगातार मौके पर तैनात है।
🔹 सरकार और रेलवे का त्वरित एक्शन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हादसे की जानकारी लेकर उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने घोषणा की है कि —
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मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख की सहायता राशि,
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गंभीर घायलों को ₹5 लाख,
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और सामान्य घायलों को ₹1 लाख दिए जाएंगे।
वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार ने भी राहत की घोषणा करते हुए कहा है कि —
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मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख रुपए,
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और घायलों को ₹50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ट्वीट कर शोक व्यक्त करते हुए कहा —
“यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायक हादसा है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दे और परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।”
🔹 हादसे की जांच होगी सीआरएस स्तर पर
बिलासपुर रेलवे के सीपीआरओ डॉ. सुस्कर विपुल विलासराव ने बताया कि यह घटना शाम करीब 4 बजे हुई जब कोरबा पैसेंजर ट्रेन ने आगे खड़ी मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मारी।
उन्होंने कहा कि इस हादसे की जांच सीआरएस (Commissioner of Railway Safety) स्तर पर कराई जाएगी ताकि इसकी असली वजह सामने आ सके।
प्रारंभिक जांच में संभावना जताई गई है कि सिग्नलिंग सिस्टम में गड़बड़ी या मानवीय त्रुटि की वजह से यह दुर्घटना हुई होगी।
🔹 ट्रेनों का संचालन ठप, कई रूट प्रभावित
हादसे के बाद कोरबा-बिलासपुर रेलमार्ग पर संचालन ठप कर दिया गया।
इससे कई ट्रेनें या तो रद्द कर दी गईं या देरी से चल रही हैं —
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आजाद हिंद एक्सप्रेस 6 घंटे देरी से,
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बिलासपुर-टाटा एक्सप्रेस 3 घंटे लेट,
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गेवरा रोड-नेताजी सुभाषचंद्र बोस एक्सप्रेस 3.5 घंटे लेट,
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कोरबा-विजयवाड़ा एक्सप्रेस 5 घंटे की देरी से रवाना हुई।
रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर और रायपुर के यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
🔹 हेल्पलाइन नंबर जारी
रेलवे ने हादसे के बाद यात्रियों और परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
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बिलासपुर: 7777857335, 7869953330
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चांपा: 8085956528
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रायगढ़: 9752485600
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पेंड्रा रोड: 8294730162
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कोरबा: 7869953330
परिवारजन इन नंबरों पर संपर्क कर अपने प्रियजनों की जानकारी ले सकते हैं।
🔹 प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया – हादसे के वक्त मचा हड़कंप
स्थानीय निवासी नरेंद्र मौर्य ने बताया,
“पटरी के किनारे मेरा घर है। अचानक जोरदार धमाका हुआ, लोग चिल्लाने लगे। ट्रेन का इंजन मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया था। पुलिस और एम्बुलेंस आने में करीब 15-20 मिनट लगे।”
एक यात्री देवकुमार धुरी ने बताया,
“हम लोग नीचे कूदकर बाहर निकले। कई यात्री बुरी तरह घायल थे। हमने उन्हें बाहर निकालने में मदद की।”
🔹 रेस्क्यू में जुटी विशेष ट्रेन और तकनीकी टीमें
हादसे के बाद रेलवे ने स्पेशल यान (क्रेन ट्रेन) भेजी, जो क्षतिग्रस्त डिब्बों को हटाने और पटरियों की मरम्मत में जुटी है।
साथ ही, ओवरहेड वायरिंग और सिग्नलिंग सिस्टम को भी भारी नुकसान हुआ है, जिससे लाइन की बहाली में समय लग सकता है।


