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लखनऊ में होली का जश्न बना मातम: 8 की मौत, ट्रॉमा सेंटर में 24 घंटे में 248 घायल पहुंचे

Lucknow: रंगों और खुशियों के त्योहार Holi के दिन राजधानी लखनऊ में जश्न कई परिवारों के लिए मातम में बदल गया। शहर में होली के दौरान हुए हादसों और लापरवाही के कारण 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हो गए।

सबसे ज्यादा दबाव King George’s Medical University (KGMU) के KGMU Trauma Centre और Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences की इमरजेंसी पर देखने को मिला। अस्पतालों में घायलों की इतनी भीड़ पहुंची कि ट्रॉमा सेंटर के बाहर एम्बुलेंस की लंबी कतारें लग गईं।

24 घंटे में 248 मरीज पहुंचे ट्रॉमा सेंटर

अस्पताल प्रशासन के अनुसार होली के दिन सुबह 8 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक केवल KGMU ट्रॉमा सेंटर में 248 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की रही।

ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक Dr. Premraj के अनुसार लगभग 75 से 80 मरीज सड़क दुर्घटनाओं में घायल होकर अस्पताल पहुंचे। इनमें से करीब 40 लोग शराब के नशे में वाहन चलाने के कारण हादसे का शिकार हुए

8 लोगों की गई जान

इस दौरान इलाज के दौरान दो गंभीर मरीजों की मौत हो गई, जबकि 6 लोगों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी

डॉक्टरों के अनुसार कई मरीजों की हालत बेहद गंभीर थी। इनमें से एक मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

रंगों के दुष्प्रभाव से भी पहुंचे मरीज

होली के दौरान केवल सड़क हादसे ही नहीं हुए, बल्कि कई लोग रंगों के दुष्प्रभाव के कारण भी अस्पताल पहुंचे।

कुछ लोगों को आंखों में तेज जलन, त्वचा पर एलर्जी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई। डॉक्टरों ने ऐसे मरीजों का प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें घर भेज दिया।

डॉक्टरों के अनुसार बाजार में मिलने वाले कुछ रासायनिक रंगों के कारण इस तरह की समस्याएं सामने आती हैं।

लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में भी भीड़

इसी तरह Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences की इमरजेंसी में भी भारी भीड़ देखने को मिली।

संस्थान की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार करीब 52 लोग सड़क हादसों और होली के हुड़दंग में घायल होकर इलाज के लिए पहुंचे

अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि कई लोग बाइक से गिरने, वाहन की टक्कर और झगड़े के कारण घायल हुए थे।

तेज रफ्तार और शराब बना हादसों की वजह

पुलिस और डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश सड़क हादसों के पीछे दो बड़ी वजह सामने आई हैं—तेज रफ्तार और शराब का सेवन

होली के दौरान कई लोग नशे में वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इस बार भी कई ऐसे मामले सामने आए जिनमें नशे में वाहन चलाने के कारण गंभीर हादसे हुए।

अस्पतालों में बढ़ाई गई सुरक्षा और मेडिकल टीम

होली के मौके पर अस्पताल प्रशासन ने पहले से ही अतिरिक्त डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई थी।

KGMU ट्रॉमा सेंटर और लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में डॉक्टरों की विशेष टीम तैनात रही, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

इसके बावजूद मरीजों की अचानक बढ़ी संख्या के कारण अस्पतालों पर काफी दबाव देखा गया।

प्रशासन की अपील

प्रशासन और डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान नशे में वाहन न चलाएं और सुरक्षित तरीके से होली मनाएं

साथ ही रासायनिक रंगों के बजाय प्राकृतिक रंगों का उपयोग करने की सलाह दी गई है, ताकि त्वचा और आंखों से जुड़ी समस्याओं से बचा जा सके।

News Desk

Written by News Desk

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