लखनऊ | राजधानी लखनऊ के फूलबाग क्षेत्र की शंकरपुरी कॉलोनी में रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक मासूम बच्चा क्रिकेट खेलते समय बाउंड्री के बाहर गया और जैसे ही उसने गेंद उठाने की कोशिश की, पास में लगे खुले ट्रांसफॉर्मर से चिपक गया। करंट लगने से उसकी हालत गंभीर हो गई और आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
हादसा खेल के दौरान हुआ, मोहल्ले में मातम
जानकारी के मुताबिक, रविवार की दोपहर बच्चे मोहल्ले के पार्क में क्रिकेट खेल रहे थे। बॉल बाउंड्री पार कर पास ही लगे खुले ट्रांसफॉर्मर के पास चली गई। जब बच्चा गेंद उठाने गया, तभी वह अचानक करंट की चपेट में आ गया। वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाया और कुछ युवकों ने लकड़ी की मदद से उसे ट्रांसफॉर्मर से अलग किया। लेकिन तब तक वह बुरी तरह झुलस चुका था।
स्थानीय लोगों ने जताया विरोध, बोले- कई बार की थी शिकायत
शंकरपुरी कॉलोनी के स्थानीय निवासियों का आरोप है कि खुले ट्रांसफॉर्मर को लेकर उन्होंने कई बार बिजली विभाग से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कॉलोनी के एक वरिष्ठ नागरिक श्री रामचंद्र वर्मा ने बताया, “हमने कई बार ट्रांसफॉर्मर के पास बैरिकेडिंग और सुरक्षा के लिए निवेदन किया था, लेकिन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। अब एक मासूम की जान चली गई, कौन जिम्मेदार है इसका?”
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल, प्रशासन मौन
मृतक बच्चे के परिजन गहरे सदमे में हैं। माँ का रो-रोकर बुरा हाल है और पिता बेसुध हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय पार्षद और विधायक ने मौके पर पहुंचकर दुख जताया और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
क्या कहता है कानून?
विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 161 के अनुसार, यदि किसी सार्वजनिक स्थान पर असुरक्षित ट्रांसफॉर्मर या बिजली के उपकरण से किसी की जान जाती है, तो संबंधित विभागीय अधिकारियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
निष्कर्ष:
यह हादसा सिर्फ एक बच्चा खोने का मामला नहीं, बल्कि एक पूरे सिस्टम की असंवेदनशीलता और लापरवाही का परिणाम है। जब तक प्रशासनिक और विभागीय जवाबदेही तय नहीं की जाती, ऐसे हादसे होते रहेंगे।


