लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के सत्र के दूसरे दिन फतेहपुर के मकबरे में भगवा झंडा लगाने और तोड़फोड़ के मामले पर जबरदस्त हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सत्ता पक्ष पर दंगा कराने की साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष किसी भी हालत में झुकने वाला नहीं है।
विपक्ष का आरोप – ‘संगठित साजिश’
माता प्रसाद पांडेय ने सदन में कहा, “यह कोई सामान्य घटना नहीं है। संगठित ढंग से एक पार्टी के नेता ने ऐलान किया और कहा कि यह मकबरा हिंदुओं का है। पुलिस ने बैरिकेडिंग की, लेकिन भीड़ को घुसने दिया। यह माहौल खराब करने की साजिश है।”
सत्ता पक्ष का जवाब
भाजपा विधायकों ने इस आरोप का विरोध किया और कहा कि विपक्ष बिना प्रमाण के सरकार पर आरोप लगा रहा है। सत्ता पक्ष ने घटना की पूरी जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सदन में जोरदार नारेबाजी
घटना का मुद्दा उठते ही सदन में जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई। विपक्षी दलों ने वेल में उतरकर हंगामा किया और सरकार पर धार्मिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाया। स्पीकर को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा।
पृष्ठभूमि: फतेहपुर का मकबरा विवाद
मामला फतेहपुर जिले के एक ऐतिहासिक मकबरे से जुड़ा है, जहां कुछ लोगों ने भगवा झंडा लगाया और तोड़फोड़ की। घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने बैरिकेडिंग की, लेकिन भीड़ के प्रवेश को नहीं रोक पाने पर सवाल उठे।
राजनीतिक असर
यह विवाद अब विधानसभा से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष इसे धर्म के नाम पर राजनीति करने का उदाहरण बता रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि यह कानून-व्यवस्था का मामला है, जिसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
निष्कर्ष:
मकबरे पर भगवा झंडा लगाने का विवाद अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ ले चुका है। विधानसभा में लगातार दो दिन से जारी हंगामे से साफ है कि आने वाले समय में यह मुद्दा और गरमाएगा, और इसका असर आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर भी पड़ सकता है।


