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पाकिस्तान की हार पर लखनऊ में जश्न: हजरतगंज चौराहे पर आतिशबाजी और नारेबाजी, फैंस बोले- बाप बाप होता है

भारत की एशिया कप जीत पर लखनऊ की सड़कों पर देर रात तक चला जश्न, पुलिसकर्मी भी बने जश्न का हिस्सा; युवाओं ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब

लखनऊ: टी-20 एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद लखनऊ का हजरतगंज चौराहा देर रात जश्न का केंद्र बन गया। आधी रात को सड़कों पर तिरंगा लहराते हुए लोग पैदल, बाइक और कारों से पहुंचे। “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम” और “हिंदुस्तान जिंदाबाद” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

ढोल-नगाड़ों की धुन पर लोग नाचे और आसमान आतिशबाजी से रोशन हो गया। दिलचस्प बात यह रही कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी इस जश्न का हिस्सा बने और हाथ उठाकर टीम इंडिया की जीत का उत्साह मनाया।


फैंस का पाकिस्तान को करारा जवाब

जश्न में शामिल श्रेया परिहार ने कहा— “पाकिस्तान मीम बनाने का शौक रखता है, अब हमारी बारी है। इंडिया हमेशा जीतता था, जीतता है और जीतता रहेगा।”

हर्षिता सिंह ने जोड़ा— “भारत सिर्फ मैदान पर ही नहीं बल्कि रियल और रील लाइफ दोनों में फ्रंट फुट पर खेलता है। तिलक वर्मा को खास धन्यवाद, उन्होंने ही जीत की नींव रखी।”

मनोज कुमार पारिक ने हंसते हुए कहा— “पाकिस्तान को समझना चाहिए कि बाप बाप होता है, बेटा बेटा ही रहेगा।”

कई फैंस ने अर्शदीप सिंह की स्टाइल और प्लेन उड़ाने वाले एक्शन से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को तगड़ा मजाक उड़ाया।


“पाकिस्तान के मुंह पर तमाचा है यह जीत”

मुकेश यादव ने कहा— “भारत माता की जय। तिलक वर्मा और रिंकू सिंह ने कमाल कर दिया। पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब मिला है।”
राकेश कुमार बोले— “यह जीत पाकिस्तान के लिए सबक है। एयर स्ट्राइक पर तंज कसने वालों के लिए करारा तमाचा है।”
सत्यम गुप्ता ने जोड़ा— “पूरा देश खुश है, यह सिर्फ भारत की नहीं बल्कि पूरे विश्व की जीत है।”


भारत ने 9वीं बार जीता एशिया कप

भारत ने इस जीत के साथ नौवीं बार एशिया कप ट्रॉफी अपने नाम की। 147 रन का लक्ष्य टीम इंडिया ने 20वें ओवर की चौथी गेंद पर हासिल किया। रिंकू सिंह ने चौका लगाकर जीत दिलाई, जबकि तिलक वर्मा 69 रन पर नाबाद लौटे।

इससे पहले पाकिस्तान की टीम टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी और 19.1 ओवर में 146 रन पर सिमट गई। कुलदीप यादव ने 4 विकेट झटके, जबकि जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने 2-2 विकेट लिए।


लखनऊ का जश्न बना ऐतिहासिक

युवाओं की भारी भीड़ देर रात तक हजरतगंज चौराहे पर डटी रही। तिरंगे में लिपटे फैंस, भगत सिंह के पोस्टर और आतिशबाजी ने जीत को किसी त्योहार जैसा बना दिया। यह नजारा साफ कह रहा था— “भारत से पंगा मत लो, जीत कभी नहीं पाओगे।”

News Desk

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