लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के पहले ही दिन राजधानी लखनऊ में मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला दृश्य देखने को मिला।
चारबाग रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में हजारों अभ्यर्थियों ने ठंडी फर्श पर पॉलीथिन बिछाकर मच्छरों के बीच रात गुजारी। किसी के पास ठहरने के पैसे नहीं थे, तो किसी को प्रशासनिक मदद नहीं मिली।
“भाई, रात कैसे कटेगी पता नहीं…”
गाजीपुर के रहने वाले 22 वर्षीय गोलू यादव यूपी पुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए की परीक्षा देने लखनऊ पहुंचे हैं। चारबाग स्टेशन पर बैठे उन्होंने कहा—
“सिरहाने पुराना बैग, नीचे पॉलीथिन और आधी फटी चादर है। ठंड भी लग रही है और मच्छर भी काट रहे हैं। सुबह परीक्षा है, नींद न आने से दिमाग भी भारी हो गया है।”
गोलू की तरह ही सैकड़ों अभ्यर्थी स्टेशन पर किसी कोने की तलाश में रात गुजारने को मजबूर दिखे। होटल में ठहरने की क्षमता न होने के कारण उनके लिए स्टेशन ही एकमात्र ठिकाना बना रहा।
प्लेटफॉर्म पर बिछी पॉलीथिन, बैग बने तकिए
शुक्रवार रात जैसे-जैसे ट्रेनें पहुंचीं, चारबाग रेलवे स्टेशन एग्जाम कैंप में बदल गया। प्लेटफॉर्म से लेकर सर्कुलेटिंग एरिया तक अभ्यर्थियों ने पॉलीथिन और बैग बिछा लिए।
कई उम्मीदवारों के पास ट्रेन का रिजर्वेशन तक नहीं था। किसी ने जनरल डिब्बे में सफर किया, तो कोई बाथरूम के पास बैठकर लखनऊ पहुंचा।
गाजीपुर के मोहम्मद आमिर ने बताया—
“ट्रेन में इतनी भीड़ थी कि मैं बाथरूम के पास बैठा रहा। अब स्टेशन पर मच्छरों के बीच सोने की कोशिश कर रहा हूं। कोई अधिकारी नहीं आया देखने कि इतने लोग क्यों फर्श पर पड़े हैं।”
“सरकार अपनी परीक्षा में पास, लेकिन व्यवस्था में फेल”
वाराणसी के रजत सिंह यादव कहते हैं—
“सरकार ने परीक्षा के लिए डिजिटल सर्विलांस और केंद्रों का दावा किया, पर अभ्यर्थियों के ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं। होटल के दाम आसमान छू रहे हैं। हमें प्लेटफॉर्म पर ही रात काटनी पड़ी।”
गाजीपुर से आए शाह फैसल ने कहा—
“जनरल बोगी में चार घंटे खड़ा रहना पड़ा। अब स्टेशन पर बैठने की जगह तक नहीं है। पैर सुन्न हो गए हैं, पर कोई मदद नहीं।”
परीक्षा में शामिल होंगे 33 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी
1 और 2 नवंबर को लखनऊ में यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा में 33,631 उम्मीदवार शामिल होंगे।
पहले दिन 47 केंद्रों पर 20,036 अभ्यर्थी और दूसरे दिन 35 केंद्रों पर 13,595 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक पाली में आयोजित होगी।
प्रशासन ने दावा किया है कि केंद्रों पर सख्त निगरानी, डिजिटल सर्विलांस और ट्रैफिक कंट्रोल के इंतजाम किए गए हैं। मगर अभ्यर्थियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।


