देश: में एलपीजी की उपलब्धता और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गुरुवार को लोकसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने गैस संकट का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर तीखा हमला किया। उनके बयान के बाद सदन में भारी हंगामा शुरू हो गया और कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
राहुल गांधी ने कहा कि देश में एलपीजी को लेकर चिंता बढ़ रही है और छोटे व्यापारियों तथा स्ट्रीट वेंडर्स पर इसका असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक अस्थायी समस्या नहीं बल्कि ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा है।
राहुल गांधी ने उठाया ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा
लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई दूसरा देश यह तय करे कि भारत किससे तेल या गैस खरीदेगा, तो यह स्थिति चिंता का विषय है।
राहुल गांधी ने वैश्विक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव और Strait of Hormuz क्षेत्र में स्थिति का असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि एलपीजी को लेकर देश में घबराहट का माहौल बन रहा है और रेस्टोरेंट तथा सड़क किनारे कारोबार करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
‘एपस्टीन दोस्त’ बयान से मचा हंगामा
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने पेट्रोलियम मंत्री को लेकर एक टिप्पणी की, जिससे सदन में विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि तेल मंत्री खुद कह चुके हैं कि वे Jeffrey Epstein के दोस्त हैं।
यह बयान आते ही सत्ता पक्ष के सांसदों ने विरोध शुरू कर दिया और सदन में जोरदार नारेबाजी होने लगी।
लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने राहुल गांधी को बीच में रोकते हुए कहा कि उन्होंने जिस विषय पर नोटिस दिया है उसी पर बोलें। उन्होंने कहा कि बिना नोटिस के किसी अन्य विषय पर चर्चा करना संसद के नियमों के खिलाफ है।
विपक्ष का संसद परिसर में प्रदर्शन
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में एलपीजी संकट को लेकर प्रदर्शन किया।
राहुल गांधी समेत करीब 50 से अधिक विपक्षी सांसदों ने संसद की सीढ़ियों पर बैठकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी विपक्षी सांसदों के साथ चाय और बिस्किट खाते हुए भी नजर आए।
मंत्री हरदीप पुरी का जवाब
विवाद बढ़ने के बाद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने लोकसभा में सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है। भारत के पास पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार है और एलएनजी के कार्गो लगातार आ रहे हैं।
पुरी ने बताया कि कनाडा, नॉर्वे और रूस सहित कई देशों से ईंधन की आपूर्ति जारी है। इसके अलावा एलपीजी उत्पादन में 28 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि गैस की मांग अचानक बढ़ने के कारण लोगों में घबराहट का माहौल बना है, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
सरकार ने बनाई तीन मंत्रियों की कमेटी
पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि संभावित आपूर्ति चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने तीन मंत्रियों की एक समिति बनाई है, जो हालात पर लगातार नजर रख रही है।
इसके साथ ही वैकल्पिक ईंधन आपूर्ति चैनलों को सक्रिय किया गया है और जरूरत पड़ने पर केरोसिन तेल की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार लंबे समय तक ऐसे हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
संसद में कार्यवाही स्थगित
जब पेट्रोलियम मंत्री सदन में बोल रहे थे, उस दौरान विपक्षी सांसदों ने “एपस्टीन-एपस्टीन” के नारे लगाने शुरू कर दिए।
हंगामा बढ़ने के कारण लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही शाम 5 बजे तक स्थगित कर दी।
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि संसद नियमों से चलेगी और किसी को भी नियमों से हटकर बोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
एलपीजी संकट को लेकर संसद में हुआ यह विवाद देश की ऊर्जा सुरक्षा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप दोनों को सामने लाता है। जहां विपक्ष सरकार की ऊर्जा नीति पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार का दावा है कि देश में गैस और ईंधन की कोई कमी नहीं है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीति दोनों में चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।


