नई दिल्ली | हुरुन इंडिया ने 2025 की मोस्ट वैल्यूएबल फैमिली बिजनेसेज लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें अंबानी परिवार ने टॉप पोज़िशन हासिल की है। उनके बिजनेस का वैल्यूएशन ₹28 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो भारत की GDP के लगभग बारहवें हिस्से के बराबर है।
लिस्ट में कुमार मंगलम बिड़ला परिवार 6.5 लाख करोड़ रुपए के वैल्यूएशन के साथ दूसरे और जिंदल परिवार 5.7 लाख करोड़ रुपए के वैल्यूएशन के साथ तीसरे स्थान पर है।
फर्स्ट जेनरेशन फैमिली बिजनेस में अडाणी पहले नंबर पर
गौतम अडाणी का अडाणी ग्रुप फर्स्ट जेनरेशन फैमिली बिजनेस में पहले स्थान पर है, जिसका बिजनेस वैल्यूएशन ₹14 लाख करोड़ है।
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दूसरे स्थान पर: पूनावाला परिवार – ₹2.3 लाख करोड़
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तीसरे स्थान पर: दिवी परिवार – ₹1.8 लाख करोड़
लिस्ट की अहम बातें
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इस साल लिस्ट में 100 नए परिवार जुड़े, जिससे कुल संख्या 300 हो गई। इनका कुल वैल्यूएशन $1.6 ट्रिलियन (₹134 लाख करोड़) है, जो टर्की और फिनलैंड की GDP से भी ज्यादा है।
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टॉप 10 परिवार लिस्ट की करीब 50% वैल्यू रखते हैं।
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ये 300 परिवार भारतीय अर्थव्यवस्था में रोजाना ₹7,100 करोड़ का योगदान करते हैं।
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हर साल देश को ₹1.8 लाख करोड़ टैक्स देते हैं।
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लिस्ट में प्रमुख सेक्टर: इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स (48 कंपनियां), ऑटोमोबाइल (29 कंपनियां), फार्मा (25 कंपनियां)।
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74% कंपनियां लिस्टेड हैं, 62 कंपनियों में प्रोफेशनल सीईओ हैं और 22 में महिला लीडर हैं।
हुरुन लिस्ट का इतिहास और वैश्विक महत्व
हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना 1999 में ब्रिटिश अकाउंटेंट और शोधकर्ता रूपर्ट हूगेवेरफ (चीनी नाम – 胡润) ने की थी।
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मुख्यालय: शंघाई, चीन; भारत में मुंबई ऑफिस
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ऑपरेशन: 20 से अधिक देशों में रिसर्च और डेटा कलेक्शन
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प्रमुख प्रकाशन:
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हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट (2012 से)
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हुरुन इंडिया रिच लिस्ट (2012 से)
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हुरुन चाइना रिच लिस्ट (1999 से)
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???? निष्कर्ष:
हुरुन रिच लिस्ट 2025 न केवल भारत की आर्थिक शक्ति और परिवार-आधारित बिजनेस मॉडल की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अंबानी, अडाणी जैसे कारोबारी दिग्गज वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की पहचान मजबूत कर रहे हैं।


