लखनऊ | मलिहाबाद: लखनऊ में मंगलवार सुबह डायल 112 में तैनात 30 वर्षीय एक सिपाही की हार्ट अटैक से मौत हो गई। हैरान करने वाली बात यह रही कि सिपाही सीने में दर्द महसूस करने के बाद खुद बाइक चलाकर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन दवा लेने के मात्र 10 मिनट बाद ही उनकी मौत हो गई। यह घटना पुलिस महकमे और स्थानीय लोगों के लिए गहरे सदमे का कारण बन गई है।
गैस समझकर पहुंचे थे अस्पताल
जानकारी के मुताबिक, सिपाही की तैनाती मल-रहीमाबाद थाने के डायल 112 यूनिट में थी। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। उन्होंने सोचा कि यह गैस की समस्या होगी और तुरंत अपनी बाइक से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मलिहाबाद पहुंच गए।
इलाज के दौरान बिगड़ी हालत
अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक परीक्षण किया और गैस या एसिडिटी की दवा दी। लेकिन, दवा लेने के कुछ ही मिनटों बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। चिकित्सकों ने जांच के बाद हार्ट अटैक की आशंका जताई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मौत की खबर से परिवार में कोहराम
जैसे ही सिपाही की मौत की खबर डायल 112 यूनिट और थाने में पहुंची, सहकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने रो-रोकर बुरा हाल कर लिया। बताया जा रहा है कि सिपाही अविवाहित थे और अपने परिवार के इकलौते सहारा थे।
युवा उम्र में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे
डॉक्टर्स के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में 30 से 40 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। तनाव, अनियमित खानपान और नींद की कमी इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सीने में किसी भी तरह का असामान्य दर्द या बेचैनी महसूस होने पर तुरंत कार्डियक जांच करानी चाहिए, इसे गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।


