लखनऊ: में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की तलाश को लेकर शुरू किए गए अभियान ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल स्वयं नगर निगम की टीम और अधिकारियों के साथ गुडंबा थाना क्षेत्र के फूलबाग बहादुरपुर पहुंचीं। यहां सपा पार्षद नमिता यादव के पति पंकज यादव की जमीन पर बनी करीब 80 झोपड़ियों में कई परिवार रहते मिले।
मेयर के पहुंचने से पहले झोपड़ियों में रहने वाले अधिकांश पुरुष भाग निकले, जबकि वहां केवल महिलाएं मौजूद थीं। मेयर द्वारा पूछे जाने पर वे कोई पहचान पत्र या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाईं।
झोपड़ियों में बिजली मीटर, फ्रिज और कूलर तक मिले
मेयर खर्कवाल ने झुग्गियों में मिली सुविधाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि सभी झोपड़ियों में अवैध बिजली कनेक्शन दिए गए थे। मीटर लगे हुए थे, अंदर टीवी, फ्रिज, कूलर और रसोई का पूरा सामान मिला।
मेयर ने कहा—
“ये सब बांग्लादेशी हैं। इन्हें 15 दिन का समय दिया है। हर हाल में शहर छोड़ना होगा। बिजली विभाग को सभी कनेक्शन तत्काल काटने के निर्देश दिए गए हैं।”
स्थानीय लोग परेशान, कई बार हुई शिकायतें
स्थानीय निवासियों ने बताया कि ये झोपड़ियां सपा पार्षद के प्लॉट पर बनाई गई हैं और वर्षों से यहां लोग कूड़ा ढुलाई व कबाड़ का काम कर रहे हैं। इससे आसपास के लोगों को लगातार परेशानी हो रही थी।
मेयर के अनुसार, मौके से 50 ठेलियां और अवैध रूप से जमा किया गया कूड़ा जब्त किया गया है।
सपा पार्षद के पति का दावा— “ये असम के लोग हैं”
सपा पार्षद नमिता यादव के पति पंकज यादव ने मेयर के दावे को गलत बताया। उन्होंने कहा—
“यहां रोहिंग्या या बांग्लादेशी नहीं रहते। ये असम के नागरिक हैं और कूड़ा उठाकर जीवनयापन करते हैं।”
हालांकि मेयर का कहना है कि महिलाएं अपना पहचान पत्र नहीं दिखा सकीं, और न ही वे अपने गांव, प्रधान या जनप्रतिनिधियों का नाम बता सकीं।
15 दिन में कार्रवाई का अल्टीमेटम
मेयर खर्कवाल ने स्पष्ट चेतावनी दी है—
“15 दिन में झुग्गियां खाली न हुईं तो मैं खुद फिर से आकर कार्रवाई करूँगी। अवैध रूप से रहने वाले किसी भी व्यक्ति को शहर में नहीं रहने दिया जाएगा।”


