in ,

योगी बोले- देश विभाजित था इसलिए गुलाम हुआ, भारत फिर नहीं बंटेगा: 17वीं सदी में कृषि और उद्योग में दुनिया में नंबर वन

गोरखपुर में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ कार्यशाला में CM ने युवा और नागरिकों से पंच प्रण अपनाने का आह्वान किया

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखनाथ विश्वविद्यालय में आयोजित ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ कार्यशाला में कहा कि भारत का इतिहास और गौरव याद रखते हुए हमें फिर से विभाजित नहीं होना है। उन्होंने कहा कि 17वीं सदी में भारत कृषि और उद्योग में दुनिया में नंबर वन था।

पंच प्रण और जिम्मेदारी

सीएम ने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए पंच प्रण अपनाना होगा—

  1. गुलामी की मानसिकता को खत्म करना।

  2. अपने अंदर की हीन भावना को समाप्त करना।

  3. विरासत का सम्मान करना।

  4. सेना के जवानों का सम्मान।

  5. हर नागरिक को अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का पालन करना।

उन्होंने युवाओं और नागरिकों से आह्वान किया कि देश की प्रगति में सक्रिय भागीदार बनें।

भारत को ‘सोने की चिड़िया’ क्यों कहा गया

योगी ने 300 वर्ष पहले भारत की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय आधी आबादी कृषि पर आधारित थी और औद्योगिक उत्पादन में भी देश विश्व में अग्रणी था। 17वीं सदी में भारत का वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सा लगभग 25 प्रतिशत था। लेकिन धीरे-धीरे ब्रिटिश शासन और अकाल के कारण देश की स्थिति बिगड़ गई।

उन्होंने कहा कि 1947 में आज़ादी के समय भारत की हिस्सेदारी केवल 3 प्रतिशत रह गई थी। एक्सपोर्ट न के बराबर था और टेक्सटाइल उद्योग में भारत अग्रणी था। आज भी छोटे देशों ने इस क्षेत्र में महारत हासिल कर ली है।

उत्तर प्रदेश का महत्व

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का हृदय स्थल रहा है। अकाल और बीमारियों के कारण यहां भी बड़ा नुकसान हुआ। 1947 में यूपी का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान 14 प्रतिशत था। आजादी के बाद धीरे-धीरे इसकी स्थिति बदल गई।

ODOP योजना और जापान-थाईलैंड मॉडल

सीएम ने बताया कि जापान और थाईलैंड की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में ODOP (One District One Product) योजना लागू की गई। 75 जिलों में 57 यूनिक प्रोडक्ट्स चिन्हित किए गए। उदाहरण के लिए, सिद्धार्थनगर में काला नमक, गोरखपुर में टेराकोटा, मुजफ्फरनगर में गुड़ आदि।

नागरिक कर्तव्यों और विधानसभा चर्चा

योगी ने कहा कि देश विभाजित होने के कारण ही गुलामी आई। इसलिए जाति और वादों में विभाजन नहीं होने देना चाहिए। नागरिक अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की चर्चा भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने विधानसभा में विकसित उत्तर प्रदेश पर हुई 24 घंटे लंबी चर्चा का भी जिक्र किया, जिसमें 300 से अधिक सदस्य शामिल रहे।

News Desk

Written by News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Mission Shakti Uttar Pradesh: प्राकृतिक खेती से सुमन देवी बनीं ‘कृषि सखी’, वाराणसी की महिलाओं के लिए प्रेरणा

काशी में मेजर रौनक सिंह का अंतिम संस्कार: ताबूत से लिपटी डॉक्टर पत्नी, मां-पिता बेसुध