लखनऊ: लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल ने शुक्रवार को नगर निगम अधिकारियों के साथ हाउस टैक्स और जुर्माने की वसूली को लेकर बैठक की। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि टैक्स व जुर्माने की वसूली में कोई लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी।
सख्त रुख अपनाया गया:
महापौर सुषमा खर्कवाल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि हर शनिवार को रिव्यू मीटिंग होगी। इस मीटिंग में पूरे सप्ताह में हाउस टैक्स व जुर्माने की वसूली की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी अधिकारी की लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हाउस टैक्स व जुर्माने की वसूली पर विशेष ध्यान:
बैठक में हाउस टैक्स, व्यवसाय टैक्स और जुर्माने की वसूली की वर्तमान स्थिति का गहन विश्लेषण किया गया। सुषमा खर्कवाल ने निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्र जहां वसूली में कमी हो रही हो, वहां विशेष टीम बनाकर अभियान चलाया जाएगा। साथ ही डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को भी और सुदृढ़ किया जाएगा।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश:
सुषमा खर्कवाल ने अधिकारियों से कहा कि वे जनता को परेशान न करें, बल्कि सुविधा आधारित व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जनता से कर वसूली के लिए पारदर्शिता बनानी होगी ताकि भ्रष्टाचार की संभावना न रहे।
प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार का संकेत:
महापौर के इस कड़े रुख को लेकर नगर निगम के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों ने भी वचन दिया कि निर्देशों का पालन करेंगे। साथ ही हाउस टैक्स व जुर्माने की वसूली को प्रभावी बनाने के लिए समय-समय पर नए उपाय सुझाए जाएंगे।
निष्कर्ष:
लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल की यह सख्त चेतावनी प्रशासन में कार्य प्रणाली को प्रभावी बनाएगी। टैक्स व जुर्माने की वसूली में सुधार से नगर निगम को राजस्व वृद्धि का लाभ मिलेगा और नगर विकास कार्य सुचारु रूप से चल सकेंगे। आगामी शनिवार को पहली रिव्यू मीटिंग में विशेष फोकस इसी दिशा में रखा जाएगा।


