लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के क्लीनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी विभाग की ओर से रविवार को अर्थराइटिस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘साइकिल फॉर चेंज: पैडल अगेंस्ट अर्थराइटिस’ थीम पर साइकिल रैली का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में KGMU के डॉक्टर, फैकल्टी मेंबर्स, मेडिकल स्टूडेंट्स और शहर के कई साइक्लिंग ग्रुप्स ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। सुबह की यह रैली स्वास्थ्य, फिटनेस और जागरूकता का संदेश देने में सफल रही।
सुबह 6 बजे शुरुआत, टी-शर्ट वितरण के साथ बढ़ा जोश
रैली का आगाज़ सुबह 6 बजे टी-शर्ट वितरण से हुआ। ठीक 6:30 बजे विभागाध्यक्ष प्रो. पुनीत कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।
प्रतिभागियों में खासा उत्साह दिखा और सभी ने सक्रिय जीवनशैली अपनाने तथा अर्थराइटिस से बचाव के संदेश को आगे बढ़ाया।
1090 चौराहा होकर वापस लौटी साइकिल रैली
रैली KGMU कैंपस से शुरू होकर 1090 क्रॉसिंग तक गई और फिर वापस लौट आई। इस दौरान डॉक्टरों ने लोगों को बताया कि—
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नियमित शारीरिक गतिविधि
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व्यायाम
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स्वस्थ जीवनशैली
अर्थराइटिस की रोकथाम, जोड़ों की गतिशीलता और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।
“अर्थराइटिस को इग्नोर करना घातक” — डॉक्टरों ने दी सलाह
रूमेटोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. मुकेश मौर्य ने प्रतिभागियों को समझाया कि—
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भारत में अर्थराइटिस विकलांगता का प्रमुख कारण है
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शुरुआती लक्षणों की पहचान बेहद ज़रूरी
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समय पर परामर्श और नियमित व्यायाम से उपचार के परिणाम बेहतर होते हैं
उन्होंने बताया कि दर्द, जोड़ में जकड़न, सूजन जैसे लक्षणों को नज़रअंदाज़ करना आगे चलकर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
कई डॉक्टर रहे मौजूद, विनर्स को मिला सम्मान
रैली के दौरान डॉ. निशांत, डॉ. अंकुश, डॉ. संजय और डॉ. पंकज भी शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में—
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विनर्स को अवॉर्ड
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सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट, शोल्डर बैग, टी-शर्ट और जलपान
देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ फिटनेस का भी मजबूत संदेश दिया।


