लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र में मामूली 101 रुपये के लेनदेन को लेकर एक डिलीवरी एजेंट की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस दर्दनाक हत्याकांड का खुलासा करते हुए 72 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना ने न केवल इलाके के लोगों को झकझोर दिया, बल्कि यह भी सवाल खड़े कर दिए कि आखिर छोटी-सी बहस किस तरह जानलेवा झगड़े में बदल सकती है।
कैसे हुई वारदात? — 101 रुपये पर शुरू हुआ विवाद, हत्या तक पहुंचा मामला
पुलिस के मुताबिक, डिलीवरी एजेंट किसी ऑर्डर को लेकर गाजीपुर क्षेत्र में पहुंचा था, जहां उसका 101 रुपये के भुगतान को लेकर तीन युवकों से विवाद हो गया।
बहस बढ़ते-बढ़ते झगड़े में बदल गई और तीनों आरोपियों ने मिलकर डिलीवरी एजेंट को पीटना शुरू कर दिया।
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आरोपियों ने उसे बेरहमी से मारा
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उसके सिर पर कांच की बोतल से हमला किया
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गंभीर चोट लगने के कारण एजेंट की मौके पर ही मौत हो गई
घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।
पुलिस की तेज कार्रवाई — 72 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार
गाजीपुर पुलिस और क्राइम सर्विलांस टीम ने मामले की जांच तेजी से शुरू की। CCTV फुटेज, लोकल सर्विलांस और टेक्निकल इनपुट की मदद से पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की।
कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने छापेमारी कर दो मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपी:
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अखिलेश कुमार
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प्रिंस
दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने उनके पास से—
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हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक
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एक मोबाइल फोन
भी बरामद किया है।
पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस — डीसीपी ने बताया पूरा घटनाक्रम
पूर्वी डीसीपी शशांक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि—
“यह मामला बेहद संवेदनशील और क्रूर था। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 72 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का सफल खुलासा किया है।”
उन्होंने बताया कि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इलाके में दहशत, सोशल मीडिया पर गुस्सा
इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया है। सोशल मीडिया पर भी लोग डिलीवरी एजेंट्स की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
डिलीवरी कर्मचारी अक्सर देर रात तक अलग-अलग लोकेशनों पर जाते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।


