लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में शनिवार को उस वक्त तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब कई छात्र संगठनों ने मिलकर चीफ प्रॉक्टर के दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि कैंपस में जो छात्र उन्हें मारते या झगड़ा करते हैं, उन पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता, लेकिन जब पीड़ित छात्र अपनी बात रखते हैं तो पुलिस भेजकर उन्हें दबाया जाता है।
प्रदर्शन में BAPSA, NSUI, समाजवादी छात्र सभा सहित कई छात्र संगठन शामिल थे। छात्रों ने टैगोर लाइब्रेरी से विरोध मार्च निकाला और फिर प्रॉक्टर ऑफिस के बाहर करीब दो घंटे तक धरना और नारेबाजी की।
असिस्टेंट प्रोफेसर पर शोध छात्र को थप्पड़ मारने का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने चेकिंग के दौरान एक शोध छात्र को थप्पड़ मार दिया।
NSUI के छात्र शुभम ने कहा—
“यह गुंडई है। प्रॉक्टोरियल टीम छात्रों से मारपीट कर रही है। यह माहौल बेहद शर्मनाक है।”
छात्रों और एक प्रोफेसर के बीच हल्की बहस भी हुई, जिससे माहौल और गर्म हो गया।
’पुलिस फोर्स के साथ रील बनाकर डराया जा रहा’ – प्रदर्शनकारी
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रॉक्टर और कुछ प्रोफेसर कैंपस के अंदर 20–25 पुलिसकर्मियों के साथ घूम रहे हैं और “भौकाल दिखाने वाली रीलें बना रहे हैं”, जिससे कैंपस का माहौल डरावना बन गया है।
छात्रों का कहना है कि
“विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर है, यहां छात्रों को सुरक्षा देनी चाहिए, मगर उल्टा छात्रों को टारगेट किया जा रहा है।”
प्रोफेसर से माफी और बर्खास्तगी की मांग
छात्र संगठनों ने कहा कि आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर राहुल पांडेय पहले भी इसी तरह की हरकतें कर चुके हैं।
उनकी मांग है:
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आरोपी प्रोफेसर सबके सामने माफी मांगें
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प्रॉक्टोरियल बोर्ड से हटाया जाए
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उनके इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा
समाजवादी छात्र सभा के छात्रों ने वीसी ऑफिस का घेराव किया और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
VC से मिलने पहुंचे शोध छात्र
शोध छात्र अभिषेक ने कहा—
“हम चाहते हैं कि वीसी महोदय को पूरी घटना की जानकारी दी जाए। यह शर्मनाक है कि एक प्रोफेसर छात्र के साथ हाथापाई करे। तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।”
तस्वीरों में देखें प्रदर्शन की स्थिति
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टैगोर लाइब्रेरी से प्रॉक्टर ऑफिस तक विरोध मार्च
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प्रॉक्टर ऑफिस के बाहर बैठकर नारेबाजी करते छात्र
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छात्रों व प्रोफेसर के बीच हुई बहस
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वीसी ऑफिस का घेराव


