लखनऊ। राजधानी लखनऊ में चालान नहीं भरने वाले वाहन स्वामियों पर अब यातायात पुलिस कड़ा रुख अपनाने जा रही है। महीनों से लंबित चालानों के बावजूद वाहन मालिकों द्वारा भुगतान न करने पर पुलिस ने बड़े स्तर पर वाहन सीज करने और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन वाहनों पर 50 या उससे अधिक चालान लंबित हैं, उन्हें बिना किसी नोटिस के सीधे सीज कर दिया जाएगा। वहीं 1 से 10 चालान लंबित रहने पर लाइसेंस और वाहन पंजीकरण निरस्त किया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने लापरवाह वाहन मालिकों की सूची तैयार कर पूरी जानकारी ई-मेल के जरिए आरटीओ को भेज दी है।
10 महीनों में 12 लाख चालान, सिर्फ 23 हजार भरे गए
यातायात विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर 2024 के बीच लखनऊ में 12 लाख चालान जारी किए गए, लेकिन इनमें से केवल 23,000 चालानों का ही भुगतान हुआ है।
बाकी के वाहन स्वामी या तो जुर्माना भरने में लापरवाही कर रहे हैं या फिर कार्रवाई से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
11–50 चालानों वाले 654 वाहन, 1–10 चालान वाले 10,648 वाहन चिह्नित
ट्रैफिक पुलिस ने जिन वाहनों को चिन्हित किया है, उनमें—
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654 वाहन — 11 से 50 चालान लंबित
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10,648 वाहन — 1 से 10 चालान लंबित
इनमें दोपहिया और चारपहिया दोनों शामिल हैं।
इन वाहनों के स्वामी का नाम, पता, मोबाइल नंबर और वाहन विवरण आरटीओ को भेजा गया है।
“अब सख्ती जरूरी हो गई है”—डीसीपी ट्रैफिक
डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित ने कहा—
“चालान भरने में लगातार लापरवाही देखी जा रही है। इसलिए अब सख्त कार्रवाई अनिवार्य हो गई है।”
उन्होंने बताया कि जो वाहन सीज होंगे, उन्हें जुर्माना पूरा चुकाए बिना छोड़ा नहीं जाएगा।
पिछले साल भी कार्रवाई अधूरी रह गई थी
2023 में भी पुलिस ने लगभग 13 हजार वाहनों का डेटा आरटीओ को भेजा था, लेकिन आरटीओ ने सिर्फ 2,300 लाइसेंस ही निलंबित किए।
इस बार पुलिस उम्मीद कर रही है कि आरटीओ अधिक तेजी से कार्रवाई करेगा, ताकि ट्रैफिक अनुशासन सख्त हो सके।
लखनऊ में सबसे ज्यादा तोड़े गए नियम
चालानों की समीक्षा में पाया गया कि शहर में सबसे अधिक उल्लंघन इन नियमों में हुआ—
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बिना हेलमेट वाहन चलाना
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रॉन्ग साइड ड्राइविंग
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रेड लाइट जंप करना
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ओवरस्पीडिंग


