in ,

लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्रा ने प्रोफेसर पर लगाया जूतों से मारने की धमकी का आरोप

रिसर्च स्कॉलर ने कुलपति को लिखा पत्र, छात्रा ने कहा- बेहद आहत महसूस किया; प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में एक रिसर्च स्कॉलर ने अपने फैकल्टी सदस्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का कहना है कि चीफ प्रोवोस्ट ने हॉस्टल में मौजूद अन्य छात्रों के सामने अपमानजनक और अमर्यादित बर्ताव करते हुए जूतों से मारने की धमकी दी।

छात्रा ने कुलपति को लिखा पत्र

पीड़िता ने घटना की शिकायत विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र के माध्यम से की। छात्रा ने लिखा कि यह व्यवहार न केवल उसके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाता है, बल्कि मानसिक रूप से उसे अत्यधिक प्रभावित कर रहा है। उन्होंने पत्र में कहा कि प्रशासन से उम्मीद है कि मामले में उचित और शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

आरोप और प्रतिक्रिया

छात्रा ने आरोप लगाया कि फैकल्टी सदस्य ने उसे लगातार धमकाया और अपमानित किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। कुलपति ने कहा कि आरोपों की जांच के लिए एक समिति बनाई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में त्वरित और पारदर्शी जांच से ही छात्रों का विश्वास बनाए रखा जा सकता है।

सामाजिक और कानूनी पहलू

शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा देने का स्थान नहीं हैं, बल्कि यह छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण भी प्रदान करने चाहिए। छात्रा की शिकायत पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कार्रवाई न होने की स्थिति में कानूनी मार्ग अपनाने का विकल्प भी छात्रा के पास मौजूद है।

निष्कर्ष:

लखनऊ विश्वविद्यालय की रिसर्च स्कॉलर द्वारा उठाया गया यह कदम यह दर्शाता है कि शिक्षा संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना कितना आवश्यक है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि जांच निष्पक्ष और शीघ्र पूर्ण हो, ताकि छात्रा और अन्य छात्रों को सुरक्षित और सम्मानजनक शिक्षा वातावरण मिल सके।

News Desk

Written by News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लखनऊ में महिला को चलती कार से फेंका: लिफ्ट देने के बहाने लूटपाट, पुलिस ने युवती समेत 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

मायावती का रामभद्राचार्य के बयान पर पलटवार: बोलीं- गलत बोलने की बजाय चुप रहना बेहतर