झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में एक रिसर्च छात्रा रोशनी कुमारी को जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फैलोशिप) से एसआरएफ (सीनियर रिसर्च फैलोशिप) में ट्रांसफर नहीं मिलने की समस्या के कारण वीसी ऑफिस के बाहर ही फूट-फूटकर रोना पड़ा।
रोशनी कुमारी, जो आईटीबीपी में इंस्पेक्टर मनु चौबे की पत्नी हैं, साल 2020 में जेआरएफ में सफल हुईं और 2023 से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट विभाग में रिसर्च कर रही हैं। उन्होंने अपना रिसर्च वर्क पूरा कर लिया है।
⚠️ जेआरएफ से एसआरएफ ट्रांसफर में बाधा
नियम अनुसार, रोशनी को जेआरएफ से एसआरएफ में अपग्रेड किया जाना चाहिए। इसके अलावा, यूजीसी द्वारा वित्तीय सहायता केवल तब दी जाएगी जब उनका अटेंडेंस और ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी हो जाए। छात्रा ने बताया कि जून महीने से वह एसआरएफ के लिए लगातार आवेदन कर रही हैं।
😢 परेशानी और मानसिक दबाव
रोशनी कुमारी ने बताया कि उनके पति सिक्किम में पोस्टेड हैं और उनके सहारे कोई नहीं है। दो सप्ताह पहले वह एचओडी और गाइड के पास गई थीं, लेकिन वहां प्रताड़ित कर भगा दिया गया।
इसके बाद वह कुलपति के पास मदद के लिए पहुंचीं, लेकिन वहां भी उन्हें डांटकर ऑफिस से बाहर निकाल दिया गया। इसके चलते रोशनी कुलपति कार्यालय के बाहर बेहोश होकर गिर गईं।
🏛️ विश्वविद्यालय की प्रतिक्रिया
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि स्कॉलर की फ़ाइल अभी नहीं आई है। फ़ाइल आने के बाद उनकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।


