लखनऊ। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ के 10वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को विश्वविद्यालय की AI लैब में बनी श्रीराम की मूर्ति भेंट की गई। समारोह में राज्यपाल, कुलपति अजय तनेजा, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्य मंत्री रजनी तिवारी, फिल्म निर्माता और फैशन डिजाइनर मुजफ्फर अली सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
🎓 दीक्षांत समारोह और डिग्रियां
दीक्षांत समारोह की शुरुआत कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अनुमति से हुई। कुलपति अजय तनेजा ने छात्रों को दीक्षा दी और राज्यपाल ने 1424 छात्रों की डिग्रियां डिजी लॉकर पर अपलोड कीं। इस बार कुल 146 पदक में से 127 पदक छात्रों को वितरित किए गए, जिनमें 47 छात्र और 99 छात्राएं शामिल थीं।
कुलपति ने दो नए स्वर्ण पदक की घोषणा भी की – डोरी लाल सागर मेमोरियल स्वर्ण पदक और रामपति देवी स्वर्ण पदक।
🏅 गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों की उपलब्धियां
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रह्माना – उर्दू, अरबी, फारसी, कला एवं मानविकी संकाय और बीए उर्दू में प्रथम।
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धर्मेश यादव – विज्ञान संकाय में सर्वोच्च अंक और बीएससी-रसायन में प्रथम।
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अपूर्व द्विवेदी – अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय, बीटेक में प्रथम।
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तनु प्रिया – सामाजिक विज्ञान और बीएड में प्रथम।
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अदीबा अंजुम – एमए अरेबिक में गोल्ड मेडल।
छात्रों ने पदक पाने के बाद फोटोशूट कराया और 4 प्रोफेसरों को भी सम्मानित किया गया।
🕌 AI लैब में श्रीराम की मूर्ति
विश्वविद्यालय की AI लैब में प्रिंटर से बनी श्रीराम की मूर्ति राज्यपाल को भेंट की गई।
🌱 सामाजिक योगदान
भाषा विश्वविद्यालय ने बहराइच के 250 आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लिया है। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी सामग्री, बटन, सुई-धागा और आईना देने से उन्हें स्वावलंबी बनाने में मदद मिलेगी।
🗣️ उच्च शिक्षा और प्रेरक संदेश
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राज्य मंत्री रजनी तिवारी – “कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं। आप सबके लिए कोई काम कठिन नहीं।”
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मुजफ्फर अली – “दिल की जुबान में बात करनी होगी। यह विश्वविद्यालय मानवतावादी सोच का केंद्र बन सकता है।”
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल – संयम में शक्ति है, शक्ति में शांति है।
🏛️ भवन और सुविधाओं का लोकार्पण
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की पार्किंग, माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, पुस्तकालय सहित अन्य भवनों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
🎭 छात्र गतिविधियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम
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पर्यावरण जागरूकता पर नाट्य प्रस्तुति।
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विश्वविद्यालय का कुलगीत छात्रों द्वारा गाया गया।
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राष्ट्रीयगीत के साथ समारोह की शुरुआत।


