मथुरा: भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आज धार्मिक यात्रा पर मथुरा पधारीं। यह अवसर पूरे ब्रजवासी समाज और मथुरा के लिए गर्व का क्षण था। लेकिन इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान एक खेदजनक तथ्य सामने आया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल राष्ट्रपति के स्वागत में मौजूद नहीं रहे।
कांग्रेस ने जताई नाराज़गी
कांग्रेस नेताओं ने इस अनुपस्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पूर्व विधायक एवं पूर्व CLP लीडर प्रदीप माथुर और मथुरा महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पं. यतेन्द्र मुकद्दम ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि,
“राष्ट्रपति महोदया किसी दल या विचारधारा की नहीं, बल्कि पूरे भारत की प्रतीक हैं। उनका यह अनादर न केवल उनके संवैधानिक पद का अपमान है, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं और मर्यादाओं की भी अवहेलना है।”
प्रधानमंत्री बनाम राष्ट्रपति के स्वागत पर तुलना
कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी राज्य के दौरे पर जाते हैं तो मुख्यमंत्री और राज्यपाल प्रोटोकॉल के तहत उनका स्वागत करने अवश्य पहुंचते हैं। लेकिन देश की प्रथम नागरिक यानी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल की अनुपस्थिति यह दर्शाती है कि भाजपा सरकार राष्ट्रपति पद को उचित सम्मान देने में चूक कर रही है।
कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब
नेताओं ने कहा कि यह घटना भारतीय लोकतंत्र की आत्मा पर चोट है और भाजपा सरकार की मानसिकता को उजागर करती है। कांग्रेस ने राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि आखिर किन कारणों से राष्ट्रपति महोदया के सम्मान को ठेस पहुँचाई गई।
ब्रजवासियों के लिए गर्व, लेकिन सवाल भी
जहाँ एक ओर मथुरा और पूरे ब्रज क्षेत्र में राष्ट्रपति के आगमन पर हर्ष और गर्व का माहौल रहा, वहीं मुख्यमंत्री और राज्यपाल की अनुपस्थिति से राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि भाजपा सरकार इन आरोपों पर क्या सफाई देती है।


