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यूपी में ड्यूटी से गायब 7 डॉक्टर बर्खास्त: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बड़ा एक्शन, 18 डॉक्टरों पर भी गिरी गाज

ड्यूटी से गायब रहने और लापरवाही बरतने पर बड़ी कार्रवाई; कई डॉक्टरों की वेतनवृद्धि रोकी, रिटायर्ड CMO की पेंशन से 30% कटौती

उत्तर प्रदेश: में स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। ड्यूटी से लगातार गायब रहने, अनुशासनहीनता और सरकारी आदेशों की अनदेखी करने पर उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने 7 डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष को आदेश भेजे गए हैं।

सबसे अधिक कार्रवाई मैनपुरी जिले के चार डॉक्टरों पर हुई है। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट कहा कि इन डॉक्टरों की बर्खास्तगी के बाद खाली पदों पर नई नियुक्तियां की जाएंगी, ताकि जनता को स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।


रिटायर्ड CMO की पेंशन से 30% कटौती

सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीके सिंह पर बलिया में तैनाती के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप साबित हुए। जांच के बाद डिप्टी सीएम ने उनकी पेंशन से 30% कटौती के आदेश जारी किए।


आलस्य और लापरवाही पर परिनिंदा दंड

प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज में आर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. डीसी श्रीवास्तव पर OPD में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित न कराने का आरोप साबित हुआ। उन्हें परिनिंदा का दंड दिया गया है।

इसी प्रकार,

  • डॉ. केडी गुप्ता (श्रावस्ती)—स्थानांतरण के बाद तीन महीने तक ज्वाइन न करने पर दंडित।

  • डॉ. सर्वेश कुमार यादव—सरकारी आवास खाली करने में देरी पर परिनिंदा।


विभागीय कार्रवाई के आदेश

अपर मुख्य सचिव को दो डॉक्टरों पर विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं:

  • डॉ. सोनम सिन्हा (कुमारगंज, अयोध्या)

  • डॉ. मोहम्मद वासिफ मंजूर (मैटरनिटी विंग, गौतमबुद्ध नगर)

इन पर बिना सूचना अनुपस्थित रहने और अनुमति के बिना PG करने के आरोप हैं।


टीकाकरण में लापरवाही—कार्रवाई जारी

  • डॉ. तुलाराम (गोवर्धन CHC)

  • डॉ. अमित अग्रवाल (मांट CHC)

दोनों पर नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में लापरवाही के आरोपों में कार्रवाई की जाएगी।


11 डॉक्टरों की वेतनवृद्धि रोकी गई

दरोगा-गैरहाजिरी, अनुशासनहीनता और अनियमितताओं के आरोपों में 11 डॉक्टरों पर गाज गिरी:

  • डॉ. रुचि श्रीवास्तव (कानपुर देहात)

  • डॉ. जॉन सिंह (बिजनौर)

  • डॉ. बीबी सिंह, डॉ. गौरव अग्रवाल (उन्नाव जिला कारागार)

  • डॉ. योगेंद्र सिंह राणा (मथुरा)

  • डॉ. विनीता चतुर्वेदी (रामपुर महिला अस्पताल)

  • डॉ. रूपेश राय (मऊ)

  • डॉ. नीना वर्मा (वाराणसी)

  • डॉ. सीमा अग्रवाल (मेरठ)

  • डॉ. सेवा लाल (बांदा)

  • डॉ. गिरीश कुमार तिवारी (प्रयागराज)

इन सभी की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने और परिनिंदा का दंड देने के आदेश जारी किए गए हैं।


प्राइवेट प्रैक्टिस और दुरव्यवहार—तीन वेतनवृद्धि रोकी

  • डॉ. शशिकांत राय (बुलंदशहर) पर गौतमबुद्ध नगर में निजी अस्पतालों में प्राइवेट प्रैक्टिस करने का गंभीर आरोप प्रमाणित हुआ।

  • डॉ. राम किशन वर्मा (गोंडा) पर बरेली में प्रभारी रहते हुए उच्चाधिकारियों से अभद्रता की शिकायतें सही पाई गईं।

दोनों की तीन वेतनवृद्धियाँ रोकी गईं और परिनिंदा का दंड दिया गया।

News Desk

Written by News Desk

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