मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां भोजपुर के बहेड़ी गांव में एक सहायक अध्यापक और BLO (Booth Level Officer) सर्वेश सिंह (46 वर्ष) ने रविवार सुबह आत्महत्या कर ली। उनका शव कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
सुसाइड से पहले सर्वेश ने 3 पेज का सुसाइड नोट बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSO) के नाम लिखा, जिसमें उन्होंने स्पष्ट तौर पर “SIR” कहे जाने वाले उच्चाधिकारियों द्वारा दिए जा रहे टारगेट प्रेशर, लगातार काम, नींद न आने और मानसिक तनाव का उल्लेख किया है।
“मैं रात-दिन काम कर रहा हूं, पर SIR का टारगेट पूरा नहीं कर पा रहा”—सुसाइड नोट
सर्वेश ने अपने सुसाइड नोट में लिखा—
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“रात-दिन काम करता रहा, पर SIR का टारगेट हासिल नहीं कर पा रहा हूं।”
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“रात बहुत मुश्किल और चिंता में कटती है, सिर्फ 2-3 घंटे सो पाता हूं।”
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“मेरी 4 बेटियां हैं, जिनमें से 2 कई दिनों से बीमार हैं।”
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“मैं जीना तो चाहता हूं, पर बहुत बेचैनी और घुटन होती है। खुद को डरा हुआ महसूस कर रहा हूं।”
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“अगर और समय मिलता तो शायद काम पूरा कर देता, लेकिन पहली बार BLO बना हूं, इसलिए इतना भारी लग रहा है।”
नोट में उन्होंने अपनी बेटियों को “बहुत मासूम” बताते हुए अधिकारियों से उनकी देखभाल की अपील भी की है।
सुसाइड से पहले का वीडियो—फूट-फूटकर रोते दिखे सर्वेश
सर्वेश का एक वीडियो भी उनके मोबाइल से मिला है, जो शनिवार का बताया जा रहा है।
वीडियो में वे रो रहे हैं और कह रहे—
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“मैं 20 दिन से सोया नहीं हूं।”
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“मैं SIR काम में निपुण नहीं हूं।”
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“मेरी मौत का जिम्मेदार मैं खुद हूं।”
उनकी हालत देख साफ पता चलता है कि वे भीषण मानसिक दबाव में थे।
7 अक्टूबर को बनाया गया था BLO
सर्वेश सिंह भगतपुर टांडा थाना क्षेत्र के जाहिदपुर सिकंदरपुर कंपोजिट स्कूल में सहायक अध्यापक थे।
उन्हें 7 अक्टूबर को BLO नियुक्त किया गया था। तब से वे लगातार SIR (Systematic Information Revision) कार्यों में जुटे थे, जिसमें सत्यापन, घर-घर सर्वे और डेटा अपडेट जैसी जिम्मेदारियाँ शामिल थीं।
UP में SIR शुरू होने के बाद 7 BLO की मौत — 3 ने सुसाइड किया
प्रदेश में SIR के चलते BLOs पर बढ़ते दबाव का यह कोई पहला मामला नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार—
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7 BLO की मौत SIR शुरू होने के बाद हुई
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इनमें से
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3 ने आत्महत्या की,
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3 की हार्ट अटैक से मौत,
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1 की मौत ब्रेन हेमरेज से हुई
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यह आँकड़ा सरकारी व्यवस्था और टारगेट-आधारित कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
परिवार का रो–रोकर बुरा हाल
घटना की सूचना मिलते ही घरवालों ने दरवाजा तोड़ा, तो सर्वेश का शव लटकता मिला। परिवार और गांव के लोग सदमे में हैं। उनकी पत्नी और बेटियाँ लगातार बेहोश हो रही हैं।
विद्यालय के सहकर्मियों ने बताया कि सर्वेश बेहद शांत और जिम्मेदार शिक्षक थे, लेकिन BLO का अतिरिक्त कार्य उनके तनाव का कारण बन गया।


