नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के 7वें दिन लोकसभा में चुनाव सुधारों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चर्चा का दौर गर्म रहा। इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनके सहयोगियों ने यूपी में SIR लागू करने के तरीके, BLO की मौत और चुनावी धांधली पर आरोप लगाते हुए सत्तापक्ष के सांसदों को जमकर फटकार लगाई।
NDA सांसद पर फटकार
अखिलेश यादव के भाषण के दौरान सत्तापक्ष के एक सांसद की टिप्पणी पर उन्होंने भड़ास निकाली। अखिलेश ने कहा:
“ये ऐसे अनपढ़ हैं, जो पहले इधर थे और आज उधर खिसक गए। ये कोई बात नहीं समझते। पढ़े-लिखे होते तो समझते।”
इस पर उनके पीछे बैठे सपा सांसद आनंद भदौरिया ने भी समर्थन जताते हुए वहीं से हंगामा किया। अखिलेश ने बाद में खुद स्थिति संभाली।
यूपी में SIR और BLO की मौत
अखिलेश ने कहा कि यूपी में SIR के तहत BLO (Booth Level Officer) को पर्याप्त ट्रेनिंग नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि कई BLO और उनके परिवार फॉर्म भरने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और इस प्रक्रिया में 10 लोगों की जान जा चुकी है।
उन्होंने आगे कहा:
“अब तो यूपी में आधार कार्ड को ही नहीं मान रहे। इसका मतलब साफ है कि ये SIR नहीं है, ये अंदर ही अंदर NRC वाला काम कर रहे हैं।”
अखिलेश ने मृतक BLO के परिवार को 1 करोड़ की मदद और सरकारी नौकरी देने की मांग की।
चुनावी धांधली और बैलेट पेपर की मांग
सपा प्रमुख ने कहा कि यूपी में SIR और चुनाव प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं, क्योंकि ईवीएम पर सवाल उठते रहते हैं। अखिलेश ने जर्मनी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी ईवीएम असंवैधानिक माना जाएगा।
चुनाव आयोग पर आरोप
अखिलेश ने चुनाव आयोग को कठपुतली बताकर आरोप लगाया कि आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव सुधार तब तक निष्पक्ष नहीं होंगे जब तक आयोग में सुधार नहीं होगा।
उप-चुनाव और भाजपा पर हमला
अखिलेश ने बताया कि उप-चुनावों में भाजपा ने धांधली की और कई वोट काटे गए। उन्होंने चुनौती दी कि जहाँ भी उप चुनाव में भाजपा जीती, वहां 2027 में जीत कर दिखा दें।
अन्य मुद्दे और संसद हंगामा
सपा सांसद लालजी वर्मा ने भी चुनाव और लोकतंत्र पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव का मूल उद्देश्य बदल दिया है और लोकतंत्र में जनता का भरोसा घटा है।
संसद में यूपी के SIR और चुनाव सुधार को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस हुई। अखिलेश यादव ने NDA सांसद को अनपढ़ करार दिया और यूपी में चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों, BLO की मौत और चुनावी धांधली पर सरकार पर जमकर हमला बोला। विपक्ष ने बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव कराने और चुनाव आयोग की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।


