in , , ,

लखनऊ में बिजली संकट पर बवाल! 9 घंटे ब्लैकआउट से फूटा गुस्सा, सड़क जाम करने वाले 150 लोगों पर FIR

उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ इन दिनों भीषण गर्मी के साथ-साथ बिजली संकट से भी जूझ रही है। लगातार घंटों तक बिजली कटौती होने से लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर फूटने लगा है। गुरुवार रात शहर के कई इलाकों में लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। पावर हाउसों का घेराव किया गया, सड़कें जाम हुईं और बिजली अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को देर रात तक मोर्चा संभालना पड़ा।

सबसे बड़ा हंगामा गोमतीनगर सेक्टर-5, जानकीपुरम, बनी, फैजुल्लागंज और इंदिरा नगर सेक्टर-25 के पावर हाउसों पर देखने को मिला। बिजली कटौती से परेशान लोग देर रात सड़कों पर उतर आए और घंटों तक नारेबाजी करते रहे। कई जगहों पर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराने की कोशिश की।

इस बीच रायबरेली रोड स्थित उतरेठिया अंडरपास के पास सड़क जाम करने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पीजीआई थाना पुलिस ने लगभग 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि बिजली कटौती से नाराज लोगों ने बैरिकेडिंग लगाकर सड़क जाम कर दी थी, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया था।

भीषण गर्मी के बीच सबसे ज्यादा परेशानी चिनहट इलाके के अशरफ विहार में देखने को मिली। यहां गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे बिजली गुल हो गई और रात करीब 10:30 बजे सिर्फ 15 मिनट के लिए बिजली आई। इसके बाद फिर आपूर्ति ठप हो गई। लोगों को लगभग 9 घंटे तक बिना बिजली के रात गुजारनी पड़ी। इनवर्टर जवाब दे गए और लोग छतों, पार्कों और सड़कों पर टहलते नजर आए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार मरीजों की हालत सबसे ज्यादा खराब रही। गर्मी और उमस के कारण कई लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हुई। लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पा रहा।

उधर चौक इलाके में गुरुवार रात एक और बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इरफानिया मदरसे के पास बिजली के तार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते तार धू-धू कर जलने लगा और फिर सड़क पर गिर गया। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि अगर उस समय सड़क पर भीड़ होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

अकबरी गेट जैसे व्यस्त इलाके में तार टूटकर गिरने के बाद लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इलाके में लंबे समय से पुराने और जर्जर तार लगे हुए हैं, लेकिन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।

इसी बीच हुसैनाबाद क्षेत्र में एक बिजली कर्मचारी भी हादसे का शिकार हो गया। यूनिटी कॉलेज के पास ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत कर रहे कर्मचारी को तेज करंट लग गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। लोगों का आरोप है कि मौके पर कोई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।

लगातार तीसरे दिन हुए इन प्रदर्शनों ने साफ कर दिया है कि राजधानी में बिजली व्यवस्था पूरी तरह दबाव में है। लोग सोशल मीडिया पर भी बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई इलाकों में रातभर बिजली आने-जाने का सिलसिला जारी रहा।

हालांकि बिजली विभाग का कहना है कि बढ़ती गर्मी और रिकॉर्ड बिजली खपत के कारण तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि टीमों को लगातार फील्ड में लगाया गया है और जल्द हालात सामान्य किए जाएंगे।


निष्कर्ष:

लखनऊ में बिजली संकट अब लोगों के धैर्य की परीक्षा बन चुका है। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली कटौती ने आम जनता को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है। प्रदर्शन, सड़क जाम और FIR की घटनाएं प्रशासन के लिए चेतावनी हैं कि बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार जरूरी है, वरना आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।

News Desk

Written by News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लखनऊ के इस नामी अस्पताल के OT में क्या हुआ उस रात? डिप्टी CM के एक्शन से सहम उठे फर्जी डॉक्टर, पूरा सच जानकर कांप उठेगी रूह!

लखनऊ में सपाइयों का हाईवोल्टेज हंगामा! पुलिस बस पर चढ़े कार्यकर्ता, सड़क पर घसीटने का आरोप