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श्रावण मास में लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर रूट 20 दिन रहेगा बंद: कांवड़ यात्रा के चलते ट्रैफिक मैनेजमेंट सख्त, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बना वैकल्पिक मार्ग

19 जुलाई से 9 अगस्त तक भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक, पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जारी की एडवाइजरी

लखनऊ। श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही पूरे उत्तर भारत में शिवभक्ति का माहौल बन गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर नजर आते हैं। इन्हीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए लखनऊ से अयोध्या और गोरखपुर रूट पर ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है।

20 दिन बंद रहेंगे मुख्य मार्ग, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होगा वैकल्पिक रास्ता
उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने 19 जुलाई से 9 अगस्त 2025 तक लखनऊ से अयोध्या और गोरखपुर जाने वाले मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस अवधि में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर होती है और विशेष रूप से इन रूटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में दुर्घटनाओं की आशंका को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने ये निर्णय लिया है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को किया गया डायवर्जन रूट घोषित
लखनऊ से पूर्वांचल की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को वैकल्पिक मार्ग घोषित किया गया है। सभी भारी और लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को इस रूट से भेजा जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं की पैदल यात्रा पर कोई असर न पड़े।

सख्त ट्रैफिक निगरानी, हाई अलर्ट पर पुलिस बल
यात्रा के दौरान पुलिस, पीएसी और ट्रैफिक विभाग की टीमें चौकन्ना रहेंगी। CCTV कैमरे और ड्रोन की मदद से रूट की निगरानी की जाएगी। कांवड़ मार्गों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा।

श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
ट्रैफिक विभाग ने अपील की है कि कांवड़ यात्री और आम नागरिक सभी प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। कोई भी व्यक्ति DJ, लाउडस्पीकर या हथियार के साथ यात्रा में शामिल न हो। अगर कोई समस्या हो तो तुरंत पास के पुलिस सहायता केंद्र से संपर्क करें।

यात्रीगण ध्यान दें: बंद रूट की अवधि और मार्ग

  • रूट बंद: लखनऊ-बाराबंकी-अयोध्या मार्ग व लखनऊ-बस्ती-गोरखपुर मार्ग

  • समयावधि: 19 जुलाई से 9 अगस्त 2025

  • वैकल्पिक मार्ग: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (लखनऊ से सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया होते हुए पूर्वी यूपी के अन्य शहरों तक)


निष्कर्ष:
श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के चलते प्रशासन द्वारा किए गए यह ट्रैफिक प्रबंधन के उपाय श्रद्धालुओं और आमजन की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। ऐसे में नागरिकों से सहयोग और संयम बरतने की अपील की जाती है ताकि यह आध्यात्मिक यात्रा शांतिपूर्वक सम्पन्न हो सके।

News Desk

Written by News Desk

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