गोरखपुर | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर-बस्ती मंडल के सभी विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर आगामी सड़क निर्माण परियोजनाओं की रणनीति पर विचार किया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता के अनुसार ही सड़कों की योजना बनेगी, और विकास कार्यों को सीएम ग्रिड योजना, आपदा राहत निधि, और पर्यटन कनेक्टिविटी मॉडल के तहत मजबूती दी जाएगी।
हर विधानसभा क्षेत्र में रोड नेटवर्क पर सीधी नजर
बैठक में सीएम ने लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा तैयार डिजिटल प्रेजेंटेशन के माध्यम से सभी विधानसभा क्षेत्रों की भावी योजनाओं की समीक्षा की।
इसके बाद उन्होंने जनप्रतिनिधियों से क्षेत्रवार चर्चा कर स्थानीय आवश्यकताओं को समझा और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएम के निर्देश:
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जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता से तय होंगी सड़कें।
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प्राथमिकता वाली सड़कों का तुरंत एस्टीमेट बनाकर निर्माण शुरू कराया जाए।
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बड़ी आबादी को लाभ देने वाली सड़कों को प्राथमिकता मिले।
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नगरीय क्षेत्रों की सड़कों को सीएम ग्रिड योजना में सम्मिलित किया जाए।
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सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
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जनप्रतिनिधि मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी स्वयं निभाएं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए आपदा राहत निधि का प्रयोग
बैठक में कुछ विधायकों द्वारा बाढ़ में सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की बात कही गई।
इस पर सीएम योगी ने निर्देश दिया कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सड़क सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए और आवश्यकता पड़ने पर आपदा राहत निधि से बजट जारी किया जाए।
धार्मिक स्थलों को जोड़ें बेहतर कनेक्टिविटी से
पर्यटन विभाग के अधिकारियों द्वारा धार्मिक स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों की जानकारी साझा करने के बाद सीएम योगी ने कहा:
“धार्मिक पर्यटन स्थलों को प्रमुख मार्गों से जोड़ा जाए, ताकि दर्शनार्थियों को सुविधा हो। अगर कोई जनप्रतिनिधि किसी मंदिर या स्थल को जोड़ने का प्रस्ताव देता है, तो उसका एस्टीमेट तैयार कर निर्माण तुरंत शुरू किया जाए।”
“जनप्रतिनिधि विकास के ब्रांड एंबेसडर हैं”: योगी
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट संदेश दिया कि
“विकास सतत प्रक्रिया है और जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विकास के प्रतीक हैं। वे जनता से संवाद करें, आवश्यक प्रस्ताव शासन को भेजें, और कार्यों की निगरानी करें।”
बैठक में मौजूद रहे ये प्रमुख चेहरे:
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सूर्य प्रताप शाही (कृषि मंत्री)
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विजयलक्ष्मी गौतम (राज्य मंत्री)
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रविकिशन शुक्ल (सांसद, गोरखपुर)
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डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव (महापौर, गोरखपुर)
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प्रमुख सचिव PWD अजय चौहान,
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प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम,
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PWD विभागाध्यक्ष अशोक द्विवेदी,
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गोरखपुर और बस्ती मंडल के सभी विधायक व सांसद।
निष्कर्ष:
गोरखपुर और बस्ती मंडल की सड़क योजनाओं पर यह बैठक आने वाले समय में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने वाली है।
जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और सरकार की रणनीति से यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश के रोड नेटवर्क मॉडल के रूप में उभर सकता है।



